Samrat Cabinet Decision: बिहार में बुधवार को हुई सम्राट कैबिनेट की बैठक में पांच जिलों में ग्रामीण एसपी (Rural SP) के पद सृजित करने को मंजूरी दे दी गई. सरकार का मानना है कि इससे ग्रामीण इलाकों में कानून-व्यवस्था मजबूत होगी और अपराध पर लगाम लगाने में मदद मिलेगी. कैबिनेट बैठक में कुल 19 एजेंडों पर मुहर लगी, जिनमें यह फैसला सबसे अहम माना जा रहा है.
इन जिलों में तैनात होंगे ग्रामीण SP
सरकार ने पूर्वी चंपारण, समस्तीपुर, वैशाली, मधुबनी और सीवान जिले में ग्रामीण एसपी की तैनाती का फैसला किया है. इसके लिए पांच नए पदों का सृजन किया गया है. सरकार के अनुसार ये जिले अपराध, भूमि विवाद, साम्प्रदायिक तनाव और सीमावर्ती गतिविधियों के लिहाज से संवेदनशील माने जाते हैं. लंबे समय से यहां अतिरिक्त प्रशासनिक निगरानी की जरूरत महसूस की जा रही थी.
सीमावर्ती जिलों पर रहेगा खास फोकस
पूर्वी चंपारण और सीवान जैसे जिलों में सीमावर्ती गतिविधियों और संगठित अपराध की चुनौती लगातार बनी रहती है. वहीं वैशाली, समस्तीपुर और मधुबनी में भी समय-समय पर अपराध और सामाजिक तनाव की घटनाएं सामने आती रही हैं. ऐसे में ग्रामीण एसपी की नियुक्ति से ग्रामीण क्षेत्रों में पुलिसिंग को और मजबूत करने की तैयारी की जा रही है.
महिलाओं को इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने पर मिलेगी सहायता
कैबिनेट बैठक में महिलाओं को लेकर भी बड़ा फैसला लिया गया. ‘मुख्यमंत्री बिहार पर्यावरण अनुकूल परिवहन रोजगार योजना’ को मंजूरी देते हुए सरकार ने महिलाओं को इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने पर आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है.
योजना के तहत महिलाओं को चारपहिया इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने पर एक लाख रुपए तक की प्रोत्साहन राशि मिलेगी. वहीं इलेक्ट्रिक स्कूटी या बाइक खरीदने पर 12 हजार रुपए तक की सहायता दी जाएगी. सरकार का कहना है कि इस योजना का उद्देश्य प्रदूषण कम करना और राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देना है.
बिहार सरकार लेगी 72 हजार करोड़ से ज्यादा का कर्ज
करीब 40 मिनट चली कैबिनेट बैठक में विकास कार्यों के लिए बड़े पैमाने पर कर्ज लेने का फैसला भी लिया गया. सरकार वित्तीय वर्ष 2025-27 में 72 हजार 901 करोड़ रुपए तक का कर्ज लेगी, जिसे विभिन्न विकास योजनाओं पर खर्च किया जाएगा.
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