Bihar Road Project: बिहार में सड़कों की स्थिति को दुरुस्त किया जा रहा है. ऐसे में पटना जिले में कई रोड प्रोजेक्ट्स पर काम किए जा रहे हैं. इसी कड़ी में जिले में सालेहपुर से करौटा जंक्शन के बीच टू लेन की सड़क फोरलेन बनेगी. 19 किलोमीटर लंबे फोरलेन सड़क निर्माण के लिए 20.35 एकड़ जमीन अधिग्रहण होगा. जमीन अधिग्रहण का काम गांव अलीपुर बिहटा, ताराचंदपुर, गंगापुर नरौली, मोलराजपुर और शेरपुर में होना है.
किस गांव में कितनी जमीन का अधिग्रहण?
जानकारी के मुताबिक, फोरलेन सड़क निर्माण के लिए होने वाले जमीन अधिग्रहण को लेकर सामाजिक प्रभाव मूल्यांकन किया जाना है. इसके लिए ललित नारायण मिश्र आर्थिक विकास और सामाजिक परिवर्तन संस्थान पटना की तरफ से किया जा रहा है. अलीपुर बिहटा गांव में 4.24 एकड़, ताराचंदपुर गांव में 3.84 एकड़, गंगापुर नरौली गांव में 5.69 एकड़ और शेरपुर गांव में 6.46 एकड़ जमीन रैयतों की ली जायेगी.
जमीन अधिग्रहण को लेकर कराया जाएगा एसआईए
बताया जा रहा है कि फोरलेन सड़क निर्माण के लिए होने वाले जमीन अधिग्रहण को लेकर एसआईए कराया जा रहा है. 11 फरवरी को जगदंबा स्थान नरौली करौटा में सुबह 11.30 बजे जनसुनवाई होगी. जनसुनवाई में रैयत सहित अन्य लोग अपने-अपने विचार रख सकते हैं.
जानकारों के अनुसार, फोर लेन सड़क निर्माण के लिए जमीन अधिग्रहण होने से लोगों को मिलने वाली सुविधा, रैयतों की स्थिति, रोजगार हित अन्य बिंदुओं पर पड़ने वाले प्रभाव का आकलन किया जायेगा. जनसुनवाई में लोगों की तरफ से रखे गए विचारों के आधार पर मूल्यांकन तय होगा.
क्या होता है एसआईए (SIA)?
जानकारी के मुताबिक, सामाजिक प्रभाव आकलन यानी कि SIA जमीन अधिग्रहण, पुनर्वास (Rehabilitation) और पुनर्व्यस्थापन अधिनियम, 2013 के तहत एक जरूरी प्रक्रिया है. दरअसल, यह सार्वजनिक परियोजनाओं से प्रभावित होनो वाले लोगों पर सामाजिक-आर्थिक प्रभावों का आकलन करती है. इस अधिनियम का यह उद्देश्य है कि रैयतों को उचित मुआवजा मिले, काम पारदर्शिता हो और पुनर्वास सुनिश्चित हो सके.
