सदन में अपराध पर गरजे तेजस्वी यादव, बोले- थाना खामोश है, प्रशासन बेहोश है, सरकार मदहोश है

Bihar Politics: बिहार विधानसभा के बजट सत्र के तीसरे दिन नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने राज्यपाल के अभिभाषण पर सरकार को कठघरे में खड़ा किया. अपराध, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर उन्होंने तीखा हमला बोलते हुए सरकार पर झूठे विकास और लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए.

Bihar Politics: बिहार विधानसभा के बजट सत्र के तीसरे दिन नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने राज्यपाल के अभिभाषण पर सदन में तीखा हमला बोला. पैर में चोट होने के कारण उन्होंने स्पीकर से बैठकर बोलने की अनुमति ली. उन्होंने सरकार को हर मुद्दे पर घेरा.

तेजस्वी यादव ने अपनी बात की शुरुआत करते हुए कहा कि सरकार की दो पहचान हैं. पहली झूठी वाहवाही और दूसरी पूरी लापरवाही. उन्होंने कहा कि सरकार की नींद बेटियों की चीख से भी नहीं टूटती. सदन में अपराध के आंकड़े पढ़ते हुए उन्होंने सवाल किया कि आखिर कानून का राज कहां है. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने लोकतंत्र को गनतंत्र बना दिया है.

तेजस्वी बोले- प्रशासन के दम पर चुनाव जीता गया

तेजस्वी ने कहा कि चुनाव में लोक हारा और तंत्र जीता. जैसे-तैसे ये लोग सरकार में आए हैं. प्रशासन के दम पर चुनाव जीता गया. उन्होंने कहा कि 20 सालों से सत्ता में रहने के बावजूद इन लोगों ने कोई ठोस काम नहीं किया. 10 लाख नौकरियां देने का काम महागठबंधन सरकार ने किया था और यह उनका वादा था.

‘आपका समय है, हमारा दौर आएगा’

उन्होंने वर्तमान सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि “आपका समय है, हमारा दौर आएगा.” इसके बाद उन्होंने शायरी के जरिए सरकार को चेताया. कहा कि कुछ तालाब खुद को समंदर समझ बैठे हैं, सही वक्त पर हदों का एहसास करवा देंगे.

बिहार आज भी 1961 जैसा…

तेजस्वी ने आगे सवाल किया कि अगर बिहार इतना विकास कर रहा है, तो बताइए बिहार नंबर वन किस चीज में है. उन्होंने खुद ही जवाब दिया कि बिहार सबसे ज्यादा गरीब है. शिक्षा में फिसड्डी है. लोग तबाह हो गए हैं. भ्रष्टाचार में अव्वल है. अपराधियों का बोलबाला है.

उन्होंने मुख्यमंत्री पर तंज कसते हुए कहा कि डबल इंजन की सरकार है. डबल डिप्टी सीएम हैं. डबल डिजिट में सांसद हैं. 20 साल से यही सरकार है. इसके बावजूद 1961 जैसा ही बिहार आज भी खड़ा है.

बजट में सरकार ने नकल की

तेजस्वी ने भाजपा को आरक्षण और लोकतंत्र विरोधी बताया. उन्होंने कहा कि बजट में सरकार ने उन्हीं वादों की नकल की है, जो पहले महागठबंधन ने किए थे. उन्होंने कहा कि राज्यपाल के अभिभाषण में वही बातें दोहराई गईं. मुख्यमंत्री ताली बजाने को कह रहे थे, लेकिन असल में सदन उनके काम पर ताली बजा रहा था.

बिहार में अपराध चरम पर, आए दिन हो रही हैं हत्याएं

लॉ एंड ऑर्डर के मुद्दे पर तेजस्वी ने कहा कि बिहार में अपराध चरम पर है. आए दिन हत्याएं हो रही हैं. NEET छात्रा से दुष्कर्म, खगड़िया और मुजफ्फरपुर में अपहरण के बाद हत्या जैसी घटनाएं सामने आई हैं. उन्होंने कहा कि इसे जंगलराज कहा जाता है, लेकिन जंगलराज कहने से जानवर भी नाराज हो जाएंगे. थाना खामोश है. प्रशासन बेहोश है. सरकार मदहोश है.

तेजस्वी बोले- मुख्यमंत्री सड़क पर उतरें, हम साथ खड़े रहेंगे

उन्होंने विशेष राज्य के दर्जे की मांग भी उठाई. कहा कि मुख्यमंत्री सड़क पर उतरें, हम साथ खड़े रहेंगे. अंत में तेजस्वी ने कहा कि अगर बिहार एक अलग देश होता, तो वह दुनिया का सबसे गरीब देश होता. उन्होंने कहा कि भाजपा की शर्तों पर सुल्तान बनना मंजूर नहीं था, क्योंकि वे अपनी जमीन और अपने विचार नहीं बेचते.

Also Read: NEET छात्रा मौत केस: पीसी में SDPO अनु भी बोलीं, लेकिन आत्महत्या बताने वाले ASP अभिनव क्यों रहे पूरी तरह खामोश?

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Abhinandan Pandey

भोपाल से शुरू हुई पत्रकारिता की यात्रा ने बंसल न्यूज (MP/CG) और दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अनुभव लेते हुए अब प्रभात खबर डिजिटल तक का मुकाम तय किया है. वर्तमान में पटना में कार्यरत हूं और बिहार की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को करीब से समझने का प्रयास कर रहा हूं. गौतम बुद्ध, चाणक्य और आर्यभट की धरती से होने का गर्व है. देश-विदेश की घटनाओं, बिहार की राजनीति, और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि रखता हूं. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स के साथ प्रयोग करना पसंद है.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >