Bihar Politics: RJD में लालू की मौजूदगी में आज तेजस्वी युग की शुरुआत? या मीसा भारती को मिलेगी राजद में बड़ी जिम्मेदारी

Bihar Politics: राजद की राजनीति आज एक नए मोड़ पर खड़ी है. पटना में होने वाली राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक सिर्फ औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि पार्टी के भविष्य की दिशा तय करने वाला मंच बन सकता है. सवाल यही है कि क्या आज तेजस्वी यादव को औपचारिक तौर पर राजद की कमान सौंप दी जाएगी? या मीसा भारती संभालेगी पार्टी की जिम्मेदारी?

Bihar Politics: राष्ट्रीय जनता दल की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक आज पटना में हो रही है. इसकी अध्यक्षता वर्तमान अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव करेंगे. बैठक में देशभर से आए प्रदेश अध्यक्ष, सांसद, विधायक और विधान परिषद सदस्य शामिल होंगे. माना जा रहा है कि इसी मंच से राजद में नेतृत्व परिवर्तन की औपचारिक घोषणा हो सकती है और तेजस्वी यादव को राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है.

लालू के बाद कौन संभालेगा कमान?

लालू प्रसाद की सेहत पिछले कुछ समय से चिंता का विषय बनी हुई है. डॉक्टरों की सलाह पर उनकी सार्वजनिक सक्रियता सीमित हो गई है. पार्टी में यह महसूस हो रहा है कि रोजमर्रा के कामकाज और फैसलों के लिए एक मजबूत और सक्रिय नेतृत्व जरूरी है.

इसी कारण राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष का पद बनाने की बात उठी है. माना जा रहा है कि यह जिम्मेदारी तेजस्वी यादव को दी जाएगी, ताकि पार्टी की कमान रोजमर्रा में उनके हाथ में रहे.

मीसा भारती का नाम भी चर्चा में

पार्टी के भीतर एक तबका ऐसा भी है जो सांसद डॉ. मीसा भारती को इस भूमिका के लिए उपयुक्त मानता है. समर्थकों का कहना है कि मीसा भारती के पास संगठन चलाने का अनुभव है और राष्ट्रीय राजनीति की अच्छी समझ है, इसलिए वे पार्टी को बेहतर संतुलन दे सकती हैं.

राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में पहुंचे तेजस्वी,लालू यादव,मिसा भारती,संजय यादव और राबड़ी देवी साथ

राजनीतिक संकेत तेजस्वी यादव के पक्ष में ज्यादा मजबूत माने जा रहे हैं. अंतिम फैसला लालू प्रसाद को ही लेना है और सभी की नजरें उनके निर्णय पर टिकी हैं.

20 से ज्यादा राज्यों से जुटे नेता

इस बैठक में 20 से अधिक राज्यों के प्रदेश अध्यक्ष और राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य पहले ही पटना पहुंच चुके हैं. इसका मतलब है कि यह सिर्फ बिहार की राजनीति तक सीमित बैठक नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर राजद की रणनीति तय करने का मंच है.

राष्ट्रीय महासचिव भोला यादव के अनुसार, बैठक में देश की मौजूदा राजनीतिक स्थिति और आगे की रणनीति पर चर्चा होगी. साथ ही संगठन को मजबूत करने और जिम्मेदारियों के नए बंटवारे पर भी मंथन संभव है.

कर्पूरी जयंती के दिन मिले राजनीतिक संकेत

कर्पूरी जयंती के मौके पर राजद कार्यालय में हुए कार्यक्रम में तेजस्वी यादव की सक्रिय भूमिका और उनके भाषण को भी एक संकेत के रूप में देखा जा रहा है. उन्होंने कहा कि बिहार में “लोक हारा है और तंत्र जीता है” और जनतंत्र को धनतंत्र के जरिए दबाया गया है. उन्होंने संगठन को बूथ स्तर पर फिर से खड़ा करने का एलान किया और बजट व संसद सत्र के बाद जिलावार दौरे की घोषणा की. यह बयान उनके नेतृत्व के इरादों को साफ तौर पर दिखाता है.

बैठक में उन नेताओं पर कार्रवाई को लेकर भी निर्णय हो सकता है जिन्होंने पिछले चुनाव में दल विरोधी गतिविधियों में भूमिका निभाई थी. इसके अलावा कुछ वरिष्ठ नेताओं को प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर नई जिम्मेदारियां सौंपी जा सकती हैं. इसका उद्देश्य संगठन में अनुशासन और सक्रियता दोनों को मजबूत करना है.

क्या आज से शुरू होगा तेजस्वी युग?

राजद की आज की बैठक सिर्फ औपचारिक नहीं है, बल्कि नेतृत्व बदलने की दिशा में बड़ा कदम हो सकती है. अगर तेजस्वी यादव को यह जिम्मेदारी मिलती है, तो इसे ‘तेजस्वी युग’ की शुरुआत माना जाएगा और लालू प्रसाद मार्गदर्शक की भूमिका में रहेंगे.

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By Pratyush Prashant

कंटेंट एडिटर और तीन बार लाड़ली मीडिया अवॉर्ड विजेता. जेंडर और मीडिया विषय में पीएच.डी. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम में कार्यरत. डेवलपमेंट, ओरिजनल और राजनीतिक खबरों पर लेखन में विशेष रुचि. सामाजिक सरोकारों, मीडिया विमर्श और समकालीन राजनीति पर पैनी नजर. किताबें पढ़ना और वायलीन बजाना पसंद.

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