Bihar Politics: ‘नालंदा की घटना दुखद है. लेकिन सरकार ने भी मामले में तुरंत एक्शन लिया. वहां के एसएचओ और 4 सिपाही को सस्पेंड किया गया. 4 घंटे के अंदर मुआवजे की राशि उनके अकाउंट में चली गई. प्रधानमंत्री ने भी अपने कोष से पीड़ित परिवारों को मुआवजा दिया है. घटना की जांच चल रही है.’ यह बात मंत्री दिलीप जायसवाल ने कही.
क्या हुई थी पूरी घटना?
मंगलवार को नालंदा के मघड़ा शीतला मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी थी. लेकिन अचानक इस दौरान भगदड़ मच गई. भगदड़ में 9 लोगों की मौत हो गई है, जबकि कई लोग जख्मी हो गए थे. इस मामले की जांच में शुरुआती तौर पर गंभीर लापरवाही सामने आई थी. डीजी ऑपरेशन और स्पेशल ब्रांच कुंदन कृष्णन ने खुद मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया और साफ कहा था कि भीड़ को संभालने में बड़ी चूक हुई है. ऐसे में 4 पुलिसकर्मी सस्पेंड किए गए.
जांच के दौरान यह सामने आया कि मंदिर परिसर के अंदर अव्यवस्थित तरीके से दुकानें लगा दी गई थीं. इससे आने-जाने का रास्ता काफी संकरा हो गया था. जब अचानक भीड़ बढ़ी और भगदड़ मची, तो लोगों को बाहर निकलने का सही रास्ता नहीं मिला. यही वजह रही कि हालात तेजी से बिगड़ गए और कई लोग इसकी चपेट में आ गए.
मंत्री दिलीप जायसवाल ने अन्य मुद्दों पर भी दिया बयान
मंत्री दिलीप जायसवाल ने मीडिया से बातचीत करते हुए कई अन्य मुद्दों पर बयान दिया. तेजस्वी यादव पर हमला बोलते हुए मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष अभी केरल घूम रहे हैं. जब-जब वह बिहार आते हैं तो अखबार और टीवी देखकर अपराध की बातें करते हैं. 14 करोड़ की आबादी बिहार में है. कोई अगर अपराध करता है तो वह बच नहीं सकता है और उसे सजा भी दिया जाता है. बिहार में कानून का राज है.
सीएम नीतीश पर क्या बोले मंत्री?
बीजेपी की ओर से सीएम नीतीश कुमार को 2026 में ही फिनिश कर देने के सवाल पर कहा, 2025 से 2030 ही नहीं बल्कि इससे आगे भी सीएम नीतीश कुमार के निर्देशन में ही बिहार की सरकार चलेगी.
शराबबंदी पर मंत्री का बयान
बिहार में शराबबंदी की वजह से सूखे नशा का व्यापार बढ़ गया. राज्य के युवा सूखे नशे का शिकार हो रहे हैं. इस मुद्दे पर मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा, यह दो चीजें हैं. पहली कि सूखे नशे का कारोबार शराबबंदी की वजह से बढ़ा, यह नशेड़ी लोग ही कह सकते हैं. दूसरा कि शराबबंदी के बारे में अगर कोई नेता बयान देते हैं तो पहले शराबबंदी से क्या फायदा हुआ और क्या रास्ता निकला, इसकी चर्चा होनी चाहिए.
Also Read: पटना में पिछले साल से 75 करोड़ बढ़ा राजस्व, अंतिम दिन 321 डॉक्यूमेंट्स का हुआ रजिस्ट्रेशन
