Bihar News: बिहार में गर्मी बढ़ने के साथ ही पेयजल व्यवस्था को लेकर सरकार अलर्ट हो गई है. लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED) ने राज्य के सभी जिलों को सख्त निर्देश भेजे हैं. विभाग ने कहा है कि जलापूर्ति योजना की क्षतिग्रस्त पाइपलाइन को 24 घंटे के भीतर ठीक करना होगा. अगर तय समय में मरम्मत नहीं हुई तो संबंधित ठेकेदारों पर कार्रवाई की जाएगी. विभाग आर्थिक दंड भी लगाएगा.
बार-बार शिकायत मिलने पर होगी ब्लैकलिस्टिंग
PHED ने साफ कहा है कि जिन संवेदकों के खिलाफ लगातार शिकायतें मिलेंगी, उन्हें ब्लैकलिस्ट किया जाएगा. विभागीय समीक्षा में पाया गया है कि कई जगह पाइपलाइन टूटने के बाद समय पर मरम्मत नहीं होती. इससे बड़ी मात्रा में पानी बर्बाद होता है. इसी को रोकने के लिए विभाग ने अधिकारियों को सख्ती से नियम लागू करने का निर्देश दिया है.
गर्मी में पानी की किल्लत रोकने पर फोकस
विभाग ने सभी अधिकारियों को फील्ड में जाकर निरीक्षण करने का आदेश दिया है. सरकार चाहती है कि गर्मी के मौसम में किसी भी इलाके में लोगों को पानी के लिए परेशानी न हो. इसके लिए गांवों और छोटे टोलों में विशेष निगरानी बढ़ाने को कहा गया है. जहां जलापूर्ति की समस्या ज्यादा है, वहां अधिकारियों को नियमित दौरा करना होगा.
छोटे टोलों पर रहेगी खास नजर
PHED ने हर जिले में नोडल अधिकारी नियुक्त करने का फैसला लिया है. ये अधिकारी छोटे टोलों और ग्रामीण इलाकों में चल रही जलापूर्ति योजनाओं की निगरानी करेंगे. उन्हें हर दिन अपनी रिपोर्ट विभाग को भेजनी होगी. इससे खराब योजनाओं और पाइपलाइन की समस्या की तुरंत जानकारी मिल सकेगी.
मंत्री बोले- पानी की बर्बादी रोकना पहली प्राथमिकता
PHED मंत्री संजय कुमार सिंह ने कहा कि पानी की बर्बादी रोकना विभाग की पहली प्राथमिकता है. उन्होंने कहा कि कई जगह पाइपलाइन खराब होने के बाद समय पर मरम्मत नहीं होती, जिससे लोगों को दिक्कत होती है. मंत्री ने कहा कि अब हर क्षतिग्रस्त पाइपलाइन को तय समय में ठीक करना जरूरी होगा. लापरवाही करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.
लोगों को मिलेगी राहत
सरकार का मानना है कि इस फैसले से गर्मी में लोगों को बड़ी राहत मिलेगी. समय पर पाइपलाइन मरम्मत होने से जलापूर्ति बाधित नहीं होगी और पानी की बर्बादी भी रुकेगी.
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