बिहार में पेट्रोल-डीजल की मार, कई पंप बंद, लोगों को तय सीमा में मिल रहा ईंधन

Bihar Petrol Diesel Demand: बिहार में पेट्रोल-डीजल को लेकर लोगों की चिंता बढ़ गई है. पेट्रोल की मांग 21 फीसदी बढ़ी है, 27 पेट्रोल पंप बंद बताए जा रहे हैं और पटना में सीमित बिक्री शुरू हो गई है. बढ़ती कीमतों और सप्लाई को लेकर लोग पहले से ज्यादा ईंधन खरीद रहे हैं.

Bihar Petrol Diesel Demand: बिहार में पेट्रोल और डीजल को लेकर लोगों के बीच चिंता बढ़ रही है. आशंका जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में सप्लाई प्रभावित हो सकती है. बिहार में पेट्रोल की मांग में करीब 21 फीसदी और डीजल की मांग में 8 फीसदी तक बढ़ोतरी दर्ज की गई है.

लोगों की चिंता बढ़ी

राज्य के कई हिस्सों में लोग जरूरत से ज्यादा ईंधन भरवा रहे हैं, जिससे कई पेट्रोल पंपों पर दबाव बढ़ गया है. हालात ऐसे हैं कि बिहार में 27 पेट्रोल पंप बंद होने की खबर ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी है. राजधानी पटना में कई पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल देने की सीमा तय कर दी गई है. बाइक चालकों को सिर्फ 200 से 300 रुपये तक का पेट्रोल दिया जा रहा है, जबकि कार चालकों को 1000 से 1500 रुपये तक ही ईंधन मिल रहा है.

क्या बोल रहे लोग

कई जगहों पर लोगों का कहना है कि पैसा होने के बावजूद उन्हें पूरा पेट्रोल नहीं मिल पा रहा है. कुछ पेट्रोल पंप पूरी तरह बंद भी बताए जा रहे हैं. इससे आम लोगों के बीच घबराहट बढ़ रही है कि कहीं आने वाले दिनों में स्थिति और खराब न हो जाए. लोग लंबी कतारों में लगकर पहले से ईंधन जमा करने की कोशिश कर रहे हैं.

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पटना में क्या रेट

ईंधन की कीमतें भी लोगों की परेशानी बढ़ा रही हैं. 16 मई के ताजा रेट के मुताबिक पटना में पेट्रोल 109.54 रुपये प्रति लीटर और डीजल 95.10 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है. मोतिहारी में पेट्रोल की कीमत 109.84 रुपये प्रति लीटर और डीजल 95.50 रुपये प्रति लीटर पहुंच गई है. यानी मोतिहारी में राजधानी पटना से भी महंगा पेट्रोल-डीजल मिल रहा है.

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Published by: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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