पटना से सविता कुमारी की रिपोर्ट
Bihar Para Players in Glasgow Commonwealth Games 2026 : बिहार के खेल इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया है. पहली बार राज्य के दो पैरा खिलाड़ियों का चयन राष्ट्रमंडल खेलों के लिए हुआ है. नालंदा के झंडू कुमार और गया के सोमन राणा ग्लासगो 2026 राष्ट्रमंडल खेलों में भारतीय टीम की ओर से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे. इस उपलब्धि से पूरे राज्य में खुशी और गर्व का माहौल है. 23 जुलाई से 3 अगस्त 2026 तक स्कॉटलैंड के ग्लासगो में आयोजित होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों में झंडू कुमार पैरा पावरलिफ्टिंग और सोमन राणा पैरा एथलेटिक्स में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे. दोनों खिलाड़ी भारतीय पैरा दल का हिस्सा होंगे, जिसे अब तक के सबसे बड़े और मजबूत दलों में से एक माना जा रहा है.
बिहार के लिए ऐतिहासिक क्षण
पैरा स्पोर्ट्स एसोसिएशन ऑफ बिहार के सचिव संदीप कुमार ने बताया कि यह बिहार के लिए ऐतिहासिक क्षण है. राज्य के इतिहास में पहली बार पैरा खिलाड़ी राष्ट्रमंडल खेलों के लिए चुने गए हैं. उन्होंने कहा कि यह सफलता खिलाड़ियों की कड़ी मेहनत, उनके संघर्ष और राज्य में खेलों के लिए बेहतर होते माहौल का परिणाम है.
उन्होंने कहा कि बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के महानिदेशक रविंद्रन शंकरण के नेतृत्व में राज्य में खेलों के विकास को नई गति मिली है. खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, सुविधाएं और प्रोत्साहन मिलने से अब वे राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बना रहे हैं.
राष्ट्रमंडल खेल और पैरा खिलाड़ियों के बारे में जानिए
राष्ट्रमंडल खेल (Commonwealth Games) दुनिया भर का एक प्रसिद्ध इवेंट है. इसमें मुख्य तौर पर वो देश शामिल होते हैं जो कभी ब्रिटिश साम्राज्य का हिस्सा रहे थे. हर चार साल पर आयोजित होने वाले इन खेलों का मुख्य उद्देश्य सदस्य देशों के बीच सद्भावना, सांस्कृतिक जुड़ाव और खेल भावना को बढ़ावा देना है. इसमें दुनिया भर के शीर्ष एथलीट अपनी प्रतिभा दिखाते हैं.
राष्ट्रमंडल खेलों में पैरा खिलाड़ियों (दिव्यांग एथलीटों) की भागीदारी को एक अभिन्न हिस्सा बनाया गया है. पैरा खिलाड़ी वे एथलीट होते हैं जो किसी भी शारीरिक, मानसिक या दृष्टि संबंधी चुनौती के बावजूद अपनी अदम्य इच्छाशक्ति और कड़ी मेहनत के दम पर खेल के मैदान में उतरते हैं. राष्ट्रमंडल खेलों की यह खासियत है कि यहां पैरा खेल अलग से आयोजित न होकर मुख्य खेलों के साथ ही एकीकृत (fully integrated) रूप में होते हैं. जब ये खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय मंच पर तिरंगा लहराते हैं, तो वे न सिर्फ पदक जीतते हैं, बल्कि समाज की रूढ़िवादी सोच को तोड़कर लाखों युवाओं के लिए एक नई प्रेरणा बनते हैं.
बिहार के युवा खिलाड़ियों के लिए बनेंगे प्रेरणा
इसी क्रम में झंडू कुमार और सोमन राणा का चयन केवल दो खिलाड़ियों की व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह बिहार के पैरा खेल आंदोलन की बड़ी सफलता भी है. यह उपलब्धि राज्य के हजारों युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बनेगी और यह संदेश देगी कि दृढ़ इच्छाशक्ति और निरंतर प्रयास से अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचा जा सकता है. अब पूरे बिहार की निगाहें ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों पर टिकी हैं, जहां ये दोनों खिलाड़ी न केवल भारत, बल्कि बिहार का नाम भी रोशन करने के लिए उतरेंगे.
Also Read : अब चलती ट्रेन में भी बुक करा सकेंगे कंफर्म बर्थ, यात्रियों को मिलेगी बड़ी राहत
Also Read : बिहार के शिक्षकों को मेरिट पर मिलेगा ट्रांसफर, नई शिक्षा नीति में और क्या-क्या
