उपेंद्र कुशवाहा के बेटे के पास है इतने करोड़ की संपत्ति, बिहार सरकार में मंत्री दीपक की पत्नी हैं गहनों की शौकीन
Bihar News: नए साल पर पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश की संपत्ति का खुलासा हुआ है. हलफनामे के मुताबिक वे 4 करोड़ से अधिक की अचल संपत्ति के मालिक हैं, जबकि सोना-चांदी के मामले में उनकी पत्नी साक्षी मिश्रा उनसे कहीं आगे हैं.
Bihar News: बिहार की राजनीति में नए चेहरे के तौर पर उभरे पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश एक बार फिर सुर्खियों में हैं. इस बार वजह उनका स्टाइल या बिना चुनाव लड़े मंत्री बनना नहीं, बल्कि नए साल पर सार्वजनिक किया गया संपत्ति का ब्योरा है. 25 दिसंबर 2025 को दाखिल हलफनामे के मुताबिक, पहली बार मंत्री बने दीपक प्रकाश करोड़पति हैं और उनकी अचल संपत्ति की कुल कीमत 4 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है.
वैशाली जिले में है दीपक प्रकाश की अधिकांश संपत्ति
हलफनामे के अनुसार, मंत्री दीपक प्रकाश की अधिकांश संपत्ति उनके गृह जिला वैशाली में है. वैशाली के जंदाहा क्षेत्र में उनके नाम पर 9.25 डेसिमल गैर-कृषि भूमि दर्ज है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 3 करोड़ रुपये बताई गई है. इसी जमीन पर बना एक आधुनिक ‘B+G+2’ इमारत (बेसमेंट, ग्राउंड और दो मंजिला) भी उनके नाम पर है, जिसकी मौजूदा बाजार कीमत लगभग 1 करोड़ रुपये आंकी गई है. इसके अलावा मौजा जवज में भी उनके पास अतिरिक्त भूमि है, जिसकी कीमत लाखों में बताई जा रही है.
हालांकि, संपत्ति के आंकड़ों में एक दिलचस्प पहलू भी सामने आया है. अचल संपत्ति के मामले में जहां मंत्री भारी-भरकम हैं, वहीं नकद राशि के मामले में दीपक प्रकाश और उनकी पत्नी दोनों ही पीछे हैं. हलफनामे में उनके पास सीमित कैश दिखाया गया है.
दीपक से ज्यादा उनकी पत्नी के पास सोना
जेवरात की बात करें तो यहां तस्वीर थोड़ी अलग नजर आती है. मंत्री दीपक प्रकाश के पास जहां सिर्फ 15 ग्राम सोना है, जिसकी कीमत करीब 1.80 लाख रुपये बताई गई है, वहीं उनकी पत्नी साक्षी मिश्रा के पास कहीं अधिक आभूषण हैं. साक्षी के नाम पर 500 ग्राम सोना दर्ज है, जिसकी अनुमानित कीमत 60 लाख रुपये है. इसके साथ ही उनके पास 5 किलो चांदी भी है, जिसका मूल्य लगभग 10 लाख रुपये बताया गया है. इस तरह जेवरात के मामले में पत्नी, मंत्री से काफी आगे नजर आती हैं.
मंत्री बनाए जाने के बाद से चर्चा में हैं दीपक प्रकाश
36 वर्षीय दीपक प्रकाश नीतीश कुमार के नए मंत्रिमंडल में शामिल होने के बाद से लगातार चर्चा में हैं. वे पूर्व केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा के बेटे हैं और खास बात यह है कि वे न तो विधायक हैं और न ही विधान परिषद के सदस्य. इसके बावजूद उन्हें मंत्री बनाए जाने का फैसला राजनीतिक गलियारों में खूब चर्चा का विषय बना.
राजनीति में दीपक प्रकाश की एंट्री सीधे चुनावी मैदान से नहीं हुई. उन्होंने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत अपनी मां स्नेहलता के चुनाव प्रचार से की थी. सासाराम सीट से स्नेहलता ने चुनाव लड़ा और 25 हजार से अधिक वोटों के अंतर से जीत दर्ज की. इस चुनावी अभियान में दीपक की पत्नी साक्षी मिश्रा भी एक्टिव नजर आईं. जमीन पर उतरकर प्रचार करती भी दिखीं.
सोशल मीडिया पर वायरल हुई थीं तस्वीरें
शपथ ग्रहण समारोह के दौरान भी दीपक प्रकाश सबसे ज्यादा सुर्खियों में रहे. वजह थी उनका पहनावा- जींस और ओपन शर्ट में शपथ लेते हुए उनकी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गए. समर्थकों ने इसे ‘नए दौर की राजनीति’ बताया, वहीं आलोचकों ने इसे परंपरा से हटकर कदम करार दिया.
शैक्षणिक पृष्ठभूमि की बात करें तो दीपक प्रकाश ने 10वीं और 12वीं की पढ़ाई पटना से पूरी की. इसके बाद उन्होंने 2011 में MIT मणिपुर से कंप्यूटर साइंस में बीई (BE) की डिग्री हासिल की. राजनीति से पहले उनकी पहचान एक टेक्नोलॉजी-फ्रेंडली युवा के रूप में रही है.
रिटायर्ड IAS की बेटी हैं दीपक की पत्नी
दीपक प्रकाश ने साक्षी मिश्रा से लव मैरिज की है. 35 वर्षीय साक्षी उत्तर प्रदेश के रिटायर्ड IAS अधिकारी एसएन मिश्रा की बेटी हैं. वे ब्राह्मण परिवार से आती हैं, जबकि दीपक कुशवाहा समाज से हैं. शादी के बाद साक्षी अपना नाम साक्षी मिश्रा कुशवाहा लिखती हैं और फिलहाल पटना में अपने ससुराल में रह रही हैं.
