बिहार: कारखानों में काम करने वाले मजदूरों का वेतन अब नहीं काट पायेंगे मालिक, सरकार ने लिये ये निर्णय

राज्य भर के निबंधित कारखानों में काम करने वाले मजदूरों का वेतन बैंक खाते के माध्यम से ही मिलेगा. श्रम संसाधन विभाग ने मजदूरों को न्यूनतम मजदूरी सुनिश्चित करने के लिए यह निर्णय लिया है

पटना : राज्य भर के निबंधित कारखानों में काम करने वाले मजदूरों का वेतन बैंक खाते के माध्यम से ही मिलेगा. श्रम संसाधन विभाग ने मजदूरों को न्यूनतम मजदूरी सुनिश्चित करने के लिए यह निर्णय लिया है, जो एक अप्रैल से शुरू होना था, लेकिन लाॅकडाउन के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गयी. अब विभाग ने सभी निबंधन कारखानों को इस संबंध में इ-मेल से भी दिशा- निर्देश भेजना शुरू कर दिया है.

सरकार के इस आदेश का लाभ लगभग सवा दो लाख कर्मचारियों को मिलेगा. कारखानों में काम करने वाले कामगारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा पदाधिकारी, फैक्टरी मेडिकल ऑफिसर और श्रम कल्याण पदाधिकारी की बहाली की जायेगी. विभाग ने तय किया है कि हरेक कामगार को बैंक खाते से ही वेतन मिले. इसे यह आसानी से पता चल सकेगा कि कामगार की उम्र क्या है.

व्यस्क नहीं होने की सूरत में उसका बैंक खाता नहीं खुलेगा. बैंक से वेतन मिलने पर यह भी आसानी से पता चल सकेगा कि कामगारों को दिये जा रहे पैसे न्यूनतम मजदूरी से कम है या नहीं. बैंक से सीधे वेतन मिलने से महिला हो या कोई और श्रमिक, उनके पैसे काटे नहीं जा सकेंगे. काम के अनुसार संबंधित फैक्टरी संचालक उनको वेतन देने के लिए बाध्य होंगे.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >