बिहार के इस जिले में है देश का चौथा सबसे बड़ा चिड़ियाघर, 20 लाख से अधिक पर्यटक आते हैं घूमने, जानवरों के लिए खास सुविधाएं

Bihar News: राजधानी पटना का संजय गांधी जैविक उद्यान देश का चौथा सबसे बड़ा चिड़ियाघर बन गया है. कभी बगीचे से यह शुरू हुआ था जो आज करीब 153.00 एकड़ जमीन पर फैला हुआ है. यहां 90 प्रजातियों के 1100 जीव-जन्तु मौजूद हैं.

Bihar News: बिहार के पटना जिले में स्थित संजय गांधी जैविक उद्यान के नाम नई उपलब्धि शामिल हो गई है. दरअसल, पटना का चिड़ियाघर देश का चौथा सबसे बड़ा चिड़ियाघर बन गया है. यह करीब 153.00 एकड़ जमीन पर फैला हुआ है. बता दें कि, साल 1969 में पटना जू की स्थापना हुई थी. इसके विकास के लिए राजस्व विभाग की 58.20 एकड़ और लोक निर्माण विभाग की 60.75 एकड़ भी ली गई थी. 1983 में इसे ‘सुरक्षित वन’ घोषित किया गया है.

दो हिस्से में बंटा है पटना जू

जानकारी के मुताबिक, यह चिड़ियाघर दो हिस्सों में बंटा हुआ है एक हिस्सा जानवरों के लिए है, जिसे ‘जन्तु प्रक्षेत्र’ कहा जाता है जबकि दूसरा हिस्सा पेड़ों-पौधों के लिए है, जिसे ‘वनस्पति प्रक्षेत्र’ कहते हैं. बता दें कि, इस प्रक्षेत्र के अंद पूरे 44 जन्तु इंक्लोजर्स हैं जिनमें कई तरह के जीव-जन्तु मौजूद हैं. इसके साथ ही इस चिड़ियाघर में 90 प्रजातियों के करीब 1100 जीव-जन्तु हैं. पटना जू को लेकर खास बात यह भी है कि, यह उद्यान गैंडा संरक्षण में संख्या की दृष्टि से विश्व में दूसरा स्थान रखता है. वर्तमान की बात करें तो, जू में कुल 13 गैंडे है.

इन प्रजातियों के हैं पशु-पक्षी…

खबर की माने तो, हर वर्ष करीब 20 लाख की संख्या में लोग यहां घूमने आते हैं. तमाम सुरक्षाओं को देखते हुए जानवरों के लिए उचित व्यवस्था की गई है. इसके साथ ही पेड़ों-पौधों के बारे में जानकारी पाने की भी यह एक खास जगह है. पटना जू में शेर, बाघ, जिराफ, भालू, बंदर, चिम्पैंजी, सियार, हिरण, लकड़बग्घा, गैंडा समेत कई अन्य तरह के जानवर मौजूद हैं. तो वहीं, पक्षियों की भी कई प्रजातियां इस चिड़ियाघर में मौजूद है. इसके अलावा तरह-तरह के पेड़-पौधे हैं, जिसके बारे में विस्तार से जानकारी ली जा सकती है.

सुविधाओं की उचित व्यवस्था

बता दें कि, पटना के चिड़ियाघर में आने वाले लोगों की संख्या और बढ़े और जानवरों के लिए उचित व्यवस्था हो, इसे देखते हुए कई कदम भी लगातार उठाए जा रहे हैं. अन्य व्सवस्थाओं की बात करें तो, श्री डी थियेटर में फ्री में फिल्म दिखाई जाती है. नेचर लाइब्रेरी में भी फ्री में जा सकते हैं. बैट्रीचालित वाहन से लोग सैर करते हैं. नौकायन, शिशु उद्यान, जल उद्यान, रेस्तरां, सुधा काउंटर, आईस्क्रीम और कोल्ड ड्रिंक्स कियोस्क, पेयजल, बच्चों के लिए खेलने की सुविधा समेत अन्य कई सुविधाएं हैं.

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Author: Preeti Dayal

प्रीति दयाल, प्रभात खबर डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर काम कर रहीं हैं. यूट्यूब पोर्टल सिटी पोस्ट लाइव से पत्रकारिता की शुरुआत की. इसके बाद डेलीहंट और दर्श न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में काम कर चुकीं हैं. डिजिटल मीडिया और कंटेंट राइटिंग में साढ़े 3 साल का अनुभव है. खबरें लिखना, वेब कंटेंट तैयार करने और ट्रेंडिंग सब्जेक्ट पर सटीक और प्रभावी खबरें लिखने का काम कर रहीं हैं. प्रीति दयाल ने पत्रकारिता की पढ़ाई संत जेवियर्स कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी से की. इस दौरान पत्रकारिता से जुड़ी कई विधाओं को सीखा. मीडिया संस्थानों में काम करने के दौरान डिजिटल जर्नलिज्म से जुड़े नए टूल्स, तकनीकों और मीडिया ट्रेंड्स को सीखा. पहली बार लोकसभा चुनाव 2024 और बिहार विधानसभा चुनाव 2025 जैसे बड़े चुनावी कवरेज में काम करने का अवसर मिला. इस दौरान बिहार की राजनीति, चुनावी रणनीतियों, राजनीतिक दलों और प्रमुख नेताओं से जुड़े कई प्रभावशाली और पाठकों की रुचि के अनुसार कंटेंट तैयार किए. चुनावी माहौल को समझते हुए राजनीतिक विश्लेषण और ट्रेंडिंग मुद्दों पर आधारित खबरों को आसान और प्रभावी भाषा में तैयार करना कार्यशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है. कंटेंट रिसर्च, SEO आधारित लेखन, सोशल मीडिया फ्रेंडली कंटेंट तैयार करना और तेजी से बदलते न्यूज वातावरण में काम करना प्रमुख क्षमताओं में शामिल है. बिहार की राजनीति, सामाजिक मुद्दों, सिनेमा और देश-दुनिया की महत्वपूर्ण घटनाओं पर रुचि और समझ है. टीम के साथ बेहतर समन्वय बनाकर काम करना और समय सीमा के अंदर गुणवत्तापूर्ण काम पूरा करना कार्यशैली का हिस्सा है. प्रीति दयाल का उद्देश्य डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में लगातार सीखते हुए अपनी पत्रकारिता कौशल को और बेहतर बनाना और पाठकों तक विश्वसनीय और प्रभावशाली खबरें पहुंचाना है.

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