Bihar News: बिहार में सुपारी किलरों की अब खैर नहीं, निकाली जाएगी हर अपराधी की कुंडली

Bihar News: अब बिहार में सुपारी लेकर हत्या करने वालों की पहचान तेजी से होगी. STF ने 'सुपारी किलर निगरानी सेल' का गठन किया है, जो ऐसे अपराधियों का डाटाबेस और डोजियर तैयार करेगा. साथ ही नशा और नक्सल नेटवर्क पर भी सख्ती बढ़ेगी.

Bihar News: बिहार में सुपारी लेकर हत्या करने वाले अपराधियों की खैर नहीं. राज्य पुलिस ने ऐसे किलरों पर निगरानी के लिए एक खास सेल तैयार किया है. बुधवार को पटना के सरदार पटेल भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ADG(मुख्यालय) सह STF प्रमुख कुंदन कृष्णन ने यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि STF के अंतर्गत सुपारी किलर निगरानी सेल बनाया गया है, जो राज्यभर में सक्रिय सुपारी किलरों का पूरा डाटाबेस तैयार करेगा और उनका डोजियर बनाएगा. इससे पुलिस को संगीन मामलों में जल्दी पहचान और कार्रवाई में मदद मिलेगी.

STF में नॉरकोटिक्स सेल की स्थापना

प्रेस कॉन्फ्रेंस में ADG ने यह भी बताया कि बिहार में बढ़ते नशा कारोबार को रोकने के लिए STF के अंतर्गत एक नॉरकोटिक्स सेल का गठन किया गया है. यह सेल राज्य में नशे की तस्करी, निर्माण और सप्लाई चेन पर नजर रखेगा और इंटरसेप्शन के जरिए कार्रवाई करेगा.

संगीन अपराधियों को मिलेगी जल्द सजा

राज्य सरकार ने फिर से फास्ट ट्रैक कोर्ट की स्थापना की दिशा में पहल शुरू कर दी है. ADG ने बताया कि गृह विभाग को प्रस्ताव भेजा गया है ताकि जल्द से जल्द संगीन मामलों की सुनवाई पूरी हो और अपराधियों को कड़ी सजा दी जा सके. 2012-13 तक जहां हर साल 2 से 3 हजार अपराधियों को उम्रकैद और अन्य सजाएं मिलती थीं, वहीं अब यह आंकड़ा घटकर 500-600 तक रह गया है.

अपराध घटे, बड़े मामलों में गिरफ्तारी हुई: ADG का दावा

कुंदन कृष्णन ने कहा कि राज्य में अपराध बढ़े नहीं हैं, बल्कि पिछले साल की तुलना में मई-जून में आपराधिक घटनाएं कम हुई हैं. उन्होंने दानापुर ज्वेलरी शॉप, आरा में तनिष्क लूट और समस्तीपुर में बैंक लूट जैसे मामलों में अपराधियों की गिरफ्तारी का हवाला देते हुए एसटीएफ की विशेष इंटेलिजेंस की तारीफ की.

नक्सलियों का खात्मा, छह महीने में 82 गिरफ्तार

ADG ने बताया कि राज्य में अब नक्सली घटनाएं लगभग समाप्त हो चुकी हैं. गया, औरंगाबाद, मुंगेर, जमुई जैसे पूर्व नक्सल प्रभावित इलाकों में भारी सफलता मिली है. इस साल जनवरी से अब तक 82 नक्सलियों की गिरफ्तारी हुई है. कई संगठित दस्ते पूरी तरह खत्म हो चुके हैं.

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लेखक के बारे में

By Anshuman Parashar

अंशुमान पराशर पिछले दो वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल के लिए बिजनेस की लेटेस्ट खबरों पर काम कर रहे हैं. इसे पहले बिहार की राजनीति, अपराध पर भी इन्होंने खबरें लिखी हैं. बिहार विधान सभा चुनाव 2025 में इन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग और विस्तृत राजनीतिक कवरेज किया है.

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