Bihar News: दरभंगा राजघराने की महारानी का निधन, 96 साल की उम्र में कामसुंदरी देवी ने ली आखिरी सांस, पूरे बिहार में शोक

Bihar News: दरभंगा राज परिवार की महारानी कामसुंदरी देवी का आज निधन हो गया. 96 साल की उम्र में कामसुंदरी देवी ने अंतिम सांस ली. महारानी कामसुंदरी देवी के निधन से दरभंगा समेत पूरे बिहार में शोक की लहर है. वे दरभंगा महाराज कामेश्वर सिंह की तीसरी पत्नी थीं.

Bihar News: दरभंगा राजघराने की महारानी कामसुंदरी देवी का आज सोमवार को निधन हो गया. जिसके बाद दरभंगा समेत पूरे बिहार में शोक की लहर दौड़ गई है. महारानी कामसुंदरी देवी ने 96 साल की उम्र में आखिरी सांस ली. नवंबर 2025 में तबीयत बिगड़ने के बाद से वह अस्वस्थ चल रही थीं. महारानी कामसुंदरी देवी के बड़े पोते रत्नेश्वर सिंह मुखाग्नि देंगे. इसके साथ ही छोटे पोते कपिलेश्वर सिंह के आने का इंतजार किया जा रहा है. वे दिल्ली से दरभंगा के लिए रवाना हो गए हैं.

महाराजा कामेश्वर सिंह की तीसरी पत्नी थीं कामसुंदरी देवी

महारानी कामसुंदरी देवी महाराजा कामेश्वर सिंह की तीसरी पत्नी थीं. महाराजा कामेश्वर सिंह की पहली पत्नी महारानी राजलक्ष्मी और दूसरी पत्नी महारानी कामेश्वरी प्रिया थीं, जिनका पहले ही निधन हो चुका है. 1930 के दशक में महारानी कामसुंदरी देवी का जन्म हुआ था. महाराजा कामेश्वर सिंह से उनकी शादी 1940 के दशक में हुई थी.

महाराजाधिराज कामेश्वर सिंह कल्याणी फाउंडेशन की स्थापना

महाराजा कामेश्वर सिंह की याद में महारानी कामसुंदरी देवी ने महाराजाधिराज कामेश्वर सिंह कल्याणी फाउंडेशन की स्थापना की थी. यह मिथिला की सांस्कृतिक और साहित्यिक विरासत को संरक्षित करती है. जानकारी के मुताबिक, फाउंडेशन के जरिए महाराजा कामेश्वर की प्राइवेट लाइब्रेरी में हजारों किताबें और पांडुलिपियां लोगों के लिए उपलब्ध कराई गई है.

संस्कृति, शिक्षा और कला को बढ़ावा

दरअसल, महारानी कामसुंदरी देवी दरभंगा राज की आखिरी जीवित सदस्य थीं. महाराजा के निधन के बाद उन्होंने कई संपत्ति और ट्रस्ट से जुड़े कानूनी विवादों को संभाला है. इतना ही नहीं, फाउंडेशन के जरिए उन्होंने संस्कृति, शिक्षा के साथ-साथ कला को भी बढ़ावा दिया. आज महारानी कामसुंदरी देवी के निधन की खबर मिलते ही कई लोग कल्याणी निवास पहुंचे. पारंपरिक रीति-रिवाज से उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा.

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By Preeti dayal

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