Bihar News : सुरक्षा पर सियासी खेल! BJP नेताओं को Z सिक्योरिटी, तेजस्वी की घटी, कांग्रेस की छीनी

Bihar News : बिहार में नेताओं की सुरक्षा में बड़ा फेरबदल किया गया है. BJP और सत्ता पक्ष के नेताओं की बढ़ी सुरक्षा, तेजस्वी यादव की Z से Y+ हुई, कांग्रेस नेताओं की सुरक्षा खत्म कर दी गई है.

Bihar News : बिहार की राजनीति में सत्ता के साथ-साथ अब सुरक्षा का समीकरण भी बदलता दिखाई दे रहा है. बीजेपी को बिहार में प्रचंड बहुमत मिला. इसके बाद नितिन नबीन को बीजेपी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया. अब बिहार में सत्‍ता पक्ष के नेताओं की सुरक्षा में बड़ा फेरबदल किया गया है. इस बदलाव में जहां बीजेपी और सत्‍ता पक्ष के कई शीर्ष नेताओं की सुरक्षा Z श्रेणी तक बढ़ा दी गई है, वहीं विपक्ष के प्रमुख चेहरों की सुरक्षा घटाई या पूरी तरह हटा दी गई है.

बीजेपी और जेडीयू के इन नेताओं को Z सिक्योरिटी

गृहमंत्राल के ताजा फैसले के मुताबिक, नितिन नबीन को Z श्रेणी की सुरक्षा दी गई है. इसके अलावा केंद्रीय मंत्री ललन सिंह को Z श्रेणी की सुरक्षा दी गई है. बीजेपी के प्रदेश अध्‍यक्ष संजय सरावगी और मंगल पांडे को भी Z श्रेणी की सुरक्षा दी गई है. सुरक्षा बढ़ाए जाने के इस फैसले को बीजेपी के बढ़ते राजनीतिक कद और सत्ता में मजबूती से जोड़कर देखा जा रहा है.

तेजस्‍वी की सुरक्षा Z से घटाकर ये हो गई

वहीं दूसरी ओर, विपक्ष के लिए यह फैसला किसी झटके से कम नहीं है. आरजेडी नेता तेजस्वी यादव, जो लंबे समय से सत्ता के प्रमुख दावेदार रहे है. उनकी सुरक्षा घटा दी गई है. तेजस्वी यादव बिहार में नेता प्रतिपक्ष हैं और सरकार के सबसे बड़े आलोचक भी लेकिन उनकी सुरक्षा को Z से घटाकर Y+ कर दिया गया है. इसे लेकर सियासी गलियारों में कई तरह के सवाल उठ रहे हैं. फिलवक्त सवाल ये है कि क्या यह सिर्फ सुरक्षा आकलन का मामला है या इसके पीछे कोई राजनीतिक संदेश छिपा है?

कांग्रेस के इन नेताओं की सुरक्षा हटी

सबसे चौंकाने वाला फैसला उन नेताओं को लेकर आया है, जिनकी सुरक्षा पूरी तरह हटा ही दी गई है. इस सूची में कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मदन मोहन झा, आरजेडी नेता और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष उदय नारायण चौधरी, और कांग्रेस के मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम का नाम शामिल है. इन नेताओं की सुरक्षा हटाए जाने के बाद विपक्ष सरकार पर भेदभावपूर्ण रवैये का आरोप लगाने की तैयारी में है. 

सत्ता बनाम विपक्ष की लड़ाई! 

विपक्षी दलों का कहना है कि यह सत्‍ता बनाम विपक्ष की लड़ाई है. कांग्रेस प्रवक्ता असित नाथ तिवारी ने कहा कि बिहार में मौजूदा सरकार को ये भ्रम हो गया कि इनके हाथ कभी सत्‍ता जाएगी. उन्होंने आरोप लगाया कि ये लोग देश के तमाम संसाधनों, तमाम एजेंसी को सिर्फ अपने हक में इस्तेमाल कर रहे हैं, जो खतरनाक संकेत हैं. तिवारी ने सत्‍ता पक्ष के नेताओं को कठघड़े में खड़ा करते हुए कहा कि हमारे नेताओं की सुरक्षा चिंता छोड़ दें, प्रदेश में हर आदमी का जीवन हर पल, हर क्षण खतरे में है. देश की सीमाओं पर खतरा है. जिसकी सुरक्षा सुनिश्चित करने में ये सरकार विफल है.

बिहार में बढ़ेगी सियासी तल्‍खी!

हालांकि सरकार की ओर से तर्क दिया जा रहा है कि यह फैसला खुफिया एजेंसियों के थ्रेट परसेप्शन रिपोर्ट के आधार पर लिया गया है. लेकिन बिहार की सियासत में यह मुद्दा अब सिर्फ सुरक्षा तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इसे सत्ता बनाम विपक्ष की नई लड़ाई के रूप में देखा जा रहा है. बिहार की राजनीति में फिलहाल एक बात तय है, सुरक्षा का यह फैसला सियासी गर्मी और बढ़ाने वाला है.

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लेखक के बारे में

By Keshav Suman Singh

बिहार-झारखंड और दिल्ली के जाने-पहचाने पत्रकारों में से एक हैं। तीनों विधाओं (प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और वेब) में शानदार काम का करीब डेढ़ दशक से ज्‍यादा का अनुभव है। वर्तमान में प्रभात खबर.कॉम में बतौर डिजिटल हेड बिहार की भूमिका निभा रहे हैं। इससे पहले केशव नवभारतटाइम्‍स.कॉम बतौर असिसटेंट न्‍यूज एडिटर (बिहार/झारखंड), रिपब्लिक टीवी में बिहार-झारखंड बतौर हिंदी ब्यूरो पटना रहे। केशव पॉलिटिकल के अलावा बाढ़, दंगे, लाठीचार्ज और कठिन परिस्थितियों में शानदार टीवी प्रेजेंस के लिए जाने जाते हैं। जनसत्ता और दैनिक जागरण दिल्ली में कई पेज के इंचार्ज की भूमिका निभाई। झारखंड में आदिवासी और पर्यावरण रिपोर्टिंग से पहचान बनाई। केशव ने करियर की शुरुआत NDTV पटना से की थी।

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