Bihar News: बिहार को टेक हब बनाने के लिये कितने दिनों में तैयार होगा एक्शन प्लान? संकल्प पत्र जारी

Bihar News: बिहार को टेक हब के रूप में विकसित करने का लक्ष्य सरकार ने तय कर लिया है. अगले 90 दिनों में बिहार को टेक हब बनाने के लिये प्लान सरकार की तरफ से तैयार कर लिया जायेगा. इसके साथ ही उद्योग विभाग ने एक संकल्प पत्र भी जारी किया है.

Bihar News: बिहार की जनसंख्या में युवाओं की भागीदारी लगभग 58 प्रतिशत है. इन्हें लोकल लेवल पर रोजगार मुहैया कराने के लिए बिहार को टेक हब और न्यू एज इकोनॉमी के रूप में विकसित करने की कवायद शुरू कर दी गई है. उद्योग विभाग के मुताबिक इसके लिए तीन महीने के अंदर एक्शन प्लान तैयार कर लिया जायेगा. इस मामले में विभाग ने संकल्प पत्र जारी कर दिया है.

टेक हब के लिये इसकी होगी स्थापना

दरअसल, बिहार को टेक हब बनाने के लिए खासतौर पर डिफेंस कॉरिडोर सेमी कंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग पार्क, ग्लोबल कैपिबिलिटी सेंटर्स, मेगा टेक सिटी और फिन टेक सिटी की स्थापना के लिए प्लान तैयार किया जाना है. इसके लिए कार्य योजना समिति और राज्य सरकार के मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली शीर्ष समिति के गठन को उद्योग विभाग ने स्वीकृति दे दी है.

शीर्ष स्तरीय समिति होगी गठित

कार्य योजना तैयार करने और मॉनिटरिंग के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में शीर्ष स्तरीय समिति गठित की जा रही है. इसमें उद्योग वित्त सूचना प्रौद्योगिकी और कृषि विभाग के अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव सदस्य बनाये जायेंगे. उद्योग विभाग के अपर मुख्य सचिव समिति के सदस्य सचिव होंगे. इसके अलावा शीर्ष समिति की निगरानी में उद्योग विभाग की कार्य योजना समिति बनेगी.

साथ ही कार्य योजना तैयार करने के लिए अलग-अलग क्षेत्रों के नेशनल और इंटरनेशनल लेवल के कंसल्टेंट और विशेषज्ञों के सुझाव लिये जायेंगे. कार्य योजना समिति का कार्यकाल 6 महीने के लिए होगा. समिति तीन महीने के अंदर कार्य योजना तैयार कर मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली शीर्ष समिति को सौंपेगी.

पांच साल में न्यू एज इकोनॉमी हो सकेगी विकसित

बिहार में अगले पांच साल के अंदर नये जमाने की अर्थव्यवस्था विकसित की जायेगी. इसमें तकनीक, सेवा क्षेत्र, वैश्विक कार्य संस्कृति और इनोवेशन पर आधारित रोजगार उपलब्ध किये जायेंगे. इसके लिए बिहार को एक वैश्विक बैंक एंड हब और ‘ग्लोबल वर्क प्लेस’ के रूप में विकसित किया जायेगा. बिहार को वैश्विक बैंक एंड हब बनाने का मतलब यह है कि उसे ऐसे केंद्र के रूप में विकसित किया जायेगा, जहां पर काम करने वाली सभी तरह की कंपनियों को तकनीकी और अन्य जरूरी सुविधा दी जायेंगी.

क्या है ग्लोबल वर्क प्लेस?

ग्लोबल वर्क प्लेस एक ऐसी जगह होती है, जहां हर तरह की जियोग्राफिकल सीमाओं की परवाह किये बिना प्रतिभाओं को काम करने का अवसर दिया जाता है. इसके लिए टेक हब की तरह शीर्ष स्तरीय समिति और कार्य योजना समिति का गठन किया गया है. ऐसे में बिहार के प्रतिभाशाली उद्यमियों और युवाओं को राज्य में स्टार्टअप गतिविधियों के विस्तार और प्रोत्साहन के लिए भी संकल्प जारी कर दिया गया है.

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By Preeti Dayal

डिजिटल जर्नलिज्म में 3 साल का अनुभव. डिजिटल मीडिया से जुड़े टूल्स और टेकनिक को सीखने की लगन है. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हूं. बिहार की राजनीति और देश-दुनिया की घटनाओं में रुचि रखती हूं.

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