Bihar News: पटना के कई इलाकों में वेंडिंग जोन बनाए जा रहे हैं. जेपी गंगा पथ के फुटपाथी दुकानदारों ने प्रदर्शन खत्म कर दिया है. नगर निगम प्रशासन और दुकानदारों के बीच यह सहमति बनी कि 45 दिनों में वेंडरों को सभी मॉडर्न सुविधाओं से लैस एक स्थाई वेंडिंग जोन हैंडओवर कर दिया जाएगा. तब तक के लिए वे गंगा पथ के पास दुकानें लगा सकेंगे.
मिलेंगी ये जरूरी सुविधाएं
स्मार्ट सिटी की परियोजना में बदलाव और दुकानों के डिजाइन बदलने को लेकर दुकानें हटा दी गईं. इससे करीब 280 दुकानदार बेरोजगार हो गए थे. वेंडर्स एसोसिएशन के उपाध्यक्ष रमन कुमार निराला ने बताया कि निगम ने आश्वासन दिया है कि दीघा गोलंबर के पास अटल पथ और रेललाइन के बीच लगभग 55 हजार वर्गफुट जमीन को वेंडिंग जोन के रूप में विकसित किया जाएगा.
जानकारी के मुताबिक, निगम यहां जमीन को समतल करेगा और ड्रेनेज सिस्टम, शौचालय, पेयजल, बिजली व फुट ओवरब्रिज जैसी सुविधाएं भी मुहैया कराएगा.
वेंडरों को क्या हो रही थी परेशानी?
इससे पहले वेंडरों ने प्रस्तावित जगह के मुख्य सड़क से 18 फुट नीचे होने और वहां जलजमाव और गंदगी को लेकर चिंता जताई थी. उनका मानना था कि इतना नीचे ग्राहक नहीं आयेंगे, जिससे उनका व्यवसाय प्रभावित होगा. लेकिन नगर आयुक्त यशपाल मीणा ने स्पष्ट किया कि इस जगह को व्यवस्थित तरीके से विकसित किया जा रहा है. साथ ही 10 दिनों के अंदर जमीन को समतल करने का काम शुरू हो जाएगा.
क्या कहना है वेंडरों का?
वेंडरों का कहना है कि गंगापथ पर दुकान लगाने से महीने में 35-40 हजार रुपए तक की कमाई हो जाती थी. लेकिन पिछले तीन से चार महीनों से दुकानें बंद होने से आर्थिक स्थिति गंभीर हो गई हैं. ऐसे में जब तक नया वेंडिंग जोन तैयार नहीं हो जाता, वेंडर गंगा किनारे धूल और रेत के बीच ही दुकानें चलाने को मजबूर हैं.
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