Bihar News: बिहार में करीब 2148.02 करोड़ रुपए की लागत से बागमती नदी पर पुराने बांध की ऊंचाई बढ़ाए जाएगी. इसके साथ ही गंडक नदी पर हसनपुर बनिया से सगुनी, कमला बलान नदी में जयनगर से फुहिया के बीच, सिकरहना नदी और मसान नदी पर कुछ हिस्सों में नया बांध बनेगा. इनमें से अधिकतर जगहों पर बांध निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है.
क्या है राज्य सरकार का मकसद?
इसका मकसद इन नदियों में आने वाली बाढ़ से आम लोगों को सुरक्षा और राहत उपलब्ध करवाना है. साल 2026-27 में इन सभी नदियों पर तेजी से बांध बनवाने की योजना पर काम करने का निर्णय राज्य सरकार ने लिया है. जल संसाधन विभाग के अनुसार बागमती नदी के बांधों की ऊंचाई कुछ जगहों पर बढ़ाने का निर्णय लिया गया है. यह ऊंचाई 2024 में आई बाढ़ के जल स्तर का आकलन कर बढ़ाई जा रही है.
जानकारी के मुताबिक, ये वैसी जगह हैं जहां 2024 में बाढ़ का पानी बांध को पार गया था. इस निर्णय के तहत बागमती नदी का दायां तटबंध करीब 63.76 किलोमीटर लंबाई में बढ़ाने की योजना पर काम हो रहा है. बांध बनने के बाद इस पर अलकतरा वाली सड़क भी बनाई जाएगी. इससे बांध का निरीक्षण करने में संबंधित अधिकारियों और इंजीनियरों को मदद मिलेगी. इसकी अनुमानित लागत करीब 1378.10 करोड़ रुपए है.
सिकरहना नदी पर बन रहा तटबंध
पश्चिमी और पूर्वी चंपारण जिले में सिकरहना नदी पर करीब 56.22 किलोमीटर लंबाई में दायें तटबंध का निर्माण हो रहा है. फिलहाल, 28 प्रतिशत काम पूरा हुआ है. इसकी अनुमानित लागत 239.63 करोड़ रुपए है. इस तटबंध के बनने से पश्चिमी और पूर्वी चंपारण जिले के लोगों से बाढ़ से सुरक्षा मिल सकेगी.
गंडक पर हसनपुर बनिया से सगुनी के बीच बनेगा तटबंध
इसी तरह गंडक नदी पर हसनपुर बनिया से सगुनी के बीच नए तटबंध का करीब 8.330 किलोमीटर लंबाई में निर्माण करने की योजना पर काम हो रहा है. करीब 86 प्रतिशत काम हो चुका है. इस योजना की अनुमानित लागत 59.88 करोड़ रुपए है. इस निर्माण से सारण जिला के पानापुर और तरैया प्रखंडों को बाढ़ से सुरक्षा और लोगों को राहत मिल सकेगी.
कमला बलान फेज-3 पर हो रहा काम
कमला बलान फेज-3 में 255.45 करोड़ रुपए की लागत से कमला बलान बायां तटबंध में 105.35 किलोमीटर लंबाई में धोधेपुर के पास और दायां तटबंध में जयनगर से फुहिया के बीच 111.29 किलोमीटर लंबाई में काम हो रहा है. इसमें करीब 83 प्रतिशत तटबंध बन चुका है. यह निर्माण पूरा होने से जयनगर शहर से दरभंगा, समस्तीपुर और सहरसा जिला के महिषी प्रखंड तक बाढ़ से सुरक्षा मिल सकेगी. साथ ही स्थानीय लोगों का आवागमन सुगम हो जाएगा.
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