जरूरी खबर: थर्ड पार्टी इंश्योरेंस के बिना चला रहे हैं गाड़ी, तो हो जाएं सावधान! कट सकता है लंबा चालान

Bihar News: यदि आप बिहार या बिहार के बाहर देश के किसी कोने में थर्ड पार्टी इंश्योरेंस के बिना वाहन चलाते पकड़े जाते हैं तो आपका चालान कट सकता है. सभी वाहन मालिकों के लिए थर्ड पार्टी इंश्योरेंस अनिवार्य कर दिया गया है. पढे़ं पूरी खबर…

Bihar News: अगर आप कोई नई गाड़ी खरीदते हैं तो उसका थर्ड पार्टी इंश्योरेंस कराना जरूरी होता है. 2018 से सभी नई बाइक की खरीद के साथ ही उनका 5 साल का और कार की खरीद पर 3 साल का थर्ड पार्टी इंश्योरेंस कराना अनिवार्य कर दिया गया था. अब सवाल ये है कि आखिर थर्ड पार्टी इंश्योरेंस होता क्या है और किसी वाहन मालिक के लिए ये इतना जरूरी क्यों है? तो आप इसके फायदे जानकर हैरान रह जाएंगे. बता दें कि थर्ड पार्टी इंश्योरेंस वाहन मालिक का नहीं होता है, इसके बावजूद भी यह उनके लिए बेहद जरूरी है.  

क्या होता है थर्ड पार्टी इंश्योरेंस?

ऐसा माना जाता है कि किसी नई गाड़ी को खरीदने पर उसके मालिक को सबसे पहले थर्ड पार्टी इंश्योरेंस लेना अनिवार्य होता है. ये भले ही गाड़ी मालिक को कवर नहीं देता है, लेकिन उस गाड़ी से किसी भी एक्सिडेंट के दौरान उससे चोटिल होने वाले व्यक्ति को बीमा कवर मिलता है. इसे लाइबिलटी कवर के नाम से भी जाना जाता है, क्योंकि यह बीमा तीसरे पक्ष से संबंधित होता है. इस बीमा को वाहन मालिकों के लिए अनिवार्य करने के पीछे एक बड़ा कारण रहा है. दरअसल, ऐसे बहुत से लोग हैं जो अपने वाहन का बीमा एक साल के बाद रिन्यू कराने से कतराते हैं, तो इसी बात को ध्यान में रखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने थर्ड पार्टी इंश्योरेंस को पांच साल तक के लिए अनिवार्य किया है.

आर्थिक नुकसान से बचाने में कारगर

यह इंश्योरेंस बीमाधारक को सभी वाहन दुर्घटना में होने वाले आर्थिक नुकसान से बचाने में मदद करता है. दुर्घटना के बाद अस्पताल में होने वाले खर्चे या फिर अन्य कानूनी काम-काज की लागत को इस बीमा के तहत कवर किया जाता है.

किस नुकसान का क्लेम देती है बीमा कंपनी

  • किसी अन्य व्यक्ति के वाहन को हुए नुकसान की भरपाई
  • किसी अन्य व्यक्ति की सं​पत्ति को हुए नुकसान का मुआवजा
  • किसी अन्य व्यक्ति के शरीर में गंभीर चोट या मृत्यु पर मुआवजा
  • दुर्घटना से संबंधित कानूनी या अदालती कार्रवाई का खर्च 

ये नहीं होता कवर

  • आपके वाहन को हुए नुकसान की भरपाई 
  • वाहन चोरी जाने पर कोई मुआवजा नहीं 
  • वाहन स्वामी को हुआ शारीरिक नुकसान 

बीमा नहीं होने पर लगता है जुर्माना

थर्ड पार्टी इंश्योरेंस वाहन मालिकों के लिए अनिवार्य है. बिना थर्ड पार्टी इंश्योरेंस के वाहन चलाते हुए पकड़े जाने पर 2000 रुपये तक का जुर्माना या 3 महीने तक की सजा हो सकती है.

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लेखक के बारे में

By Aniket kumar

अनिकेत कुमार प्रभात खबर के साथ पिछले दो वर्षों से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. वे मुजफ्फरपुर समेत उत्तर बिहार के आठ प्रमुख जिलों—मुजफ्फरपुर, दरभंगा, सीतामढ़ी, समस्तीपुर, मधुबनी, शिवहर, बेतिया और मोतिहारी—की डिजिटल टीम को लीड करते हैं. पत्रकारिता में उन्हें करीब पांच वर्षों का अनुभव है.

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अपने पत्रकारिता करियर में उन्होंने उत्तर प्रदेश विधानसभा उपचुनाव और बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को जमीनी स्तर पर कवर किया है. प्रभात खबर के साथ बिहार विधानसभा चुनाव कवरेज के दौरान उन्होंने करीब 50 विधानसभा क्षेत्रों का दौरा किया, जहां मतदाताओं से सीधे संवाद किया और प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में चौपाल कार्यक्रम किए. नेताओं से सीधे सवाल पूछने के साथ उन्होंने जनता के बीच जाकर कई जमीनी मुद्दों को वीडियो रिपोर्ट के जरिए सामने रखा. चुनाव के दौरान अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में समय बिताने और लोगों के बीच रहकर रिपोर्टिंग करने के अनुभव उन्हें डेस्क पर खबरों को बेहतर संदर्भ के साथ समझने और प्रस्तुत करने में मदद करते हैं.

प्रभात खबर से पहले वे राजस्थान पत्रिका और न्यूजट्रैक जैसे मीडिया संस्थानों के साथ काम कर चुके हैं. उन्होंने शुरुआती शिक्षा मुजफ्फरपुर में अंग्रेजी माध्यम से प्राप्त की और इसके बाद इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की.

बदलते मीडिया परिदृश्य और AI के दौर की पत्रकारिता को समझने में भी उनकी लगातार रुचि है. वे नए AI टूल्स और तकनीकों को सीखते हैं और उन्हें पत्रकारिता के काम में उपयोग करने के तरीकों पर लगातार प्रयोग करते रहते हैं. खाली समय में साहित्यिक किताबें पढ़ना और वीडियो बनाना उन्हें पसंद है. उनके लिए पत्रकारिता एक लगातार सीखने और बेहतर करने की प्रक्रिया है.

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