NEET छात्रा मौत मिस्ट्री : माता-पिता के साथ खरीदी गई नींद की दवा, CCTV फुटेज गायब…! SIT के सुरागों ने बढ़ाया सस्पेंस

Bihar NEET Student Death Mystery : पटना के शंभू हॉस्टल में रह रही NEET छात्रा की मौत मिस्ट्री बनती जा रही है. नींद की दवा और मेडिकल स्टोर से मिली जानकारी ने SIT की चिंता बढ़ा दी है. माता-पिता के साथ खरीदी गई दवा और CCTV फुटेज न मिलने से बढ़ा सस्पेंस.

पटना में नीट की छात्रा की मौत बनी मिस्‍ट्री

Bihar NEET Student Death Mystery : बिहार में इन दिनों NEET की छात्रा की मौत का मामला एक मिस्ट्री का रूप लेता जा रहा है. जैसे-जैसे SIT जांच आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे नए खुलासे सामने आ रहे हैं. और हर नया खुलासा या सुराग कुछ अलग ही कहानी कह रहे हैं. ऐसे में ये मामला सुलझने के बजाय और उलझता जा रहा है.

मेडिकल स्‍टोर से मिली जानकारी से सस्‍पेंस

Bihar NEET Student Death Mystery : पटना के शंभू हॉस्टल में रहकर NEET की तैयारी कर रही छात्रा की रहस्यमयी मौत के मामले में अब एक नया मोड आया है. SIT की टीम ने जहानाबाद पहुंच कर पूछताछ की है. उसे वहां जो मिला वो कुछ और ही था. SIT उस मेडिकल स्‍टोर पहुंची जहां से नींद की दवा खरीदी थी. मेडिकल स्‍टोर से उसे जो जानकारी मिली उसने जांच एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है. जांच में संकेत मिले हैं कि छात्रा लंबे समय से नींद की दवा का सेवन कर रही थी.

माता-पिता के साथ खरीदी गई थी नींद की दवा!

मेडिकल स्‍टोर के मालिक का कहना है कि, 27 दिसंबर को छात्रा अपने माता-पिता के साथ फोर व्हीलर से जहानाबाद आई थी. इसी दौरान हॉस्पिटल मोड़ के पास रोहित मेडिकल स्टोर से उसने नींद की दवा खरीदी थी. जिस वक्‍त वह दवा खरीद रही थी, उस वक्‍त छात्रा के पिता मौजूद थे. दवा की कीमत 350 रुपये बताई जा रही है, जिसका भुगतान छात्रा ने ऑनलाइन माध्यम से किया था.

मेडिकल स्‍टोर पहुंची SIT 

SIT जहानाबाद के मेडिकल स्‍टोर दवा के रैपर और छिलके के आधार पर पहुंची है, जो उसके कमरे में मिले थे. मेडिकल स्टोर के संचालक का दावा है कि छात्रा के पिता यह दवा कई वर्षों से लेते आ रहे हैं. लेकिन सवाल यहीं से खड़े होते हैं क्या यह दवा महज इलाज का हिस्सा थी या मौत की कड़ी में छिपा कोई अहम राज?

क्‍या बोला दुकानदार

इसी बीच, मेडिकल स्टोर के दुकानदार कृष्णा प्रसाद ने यह भी बताया कि बुधवार की शाम करीब तीन से साढ़े तीन बजे के बीच दो अधिकारी उसकी दुकान पर पहुंचे थे. अधिकारियों ने दुकान में लगे CCTV कैमरों की जांच की, लेकिन हार्ड डिस्क फुल होने के कारण हालिया रिकॉर्डिंग उपलब्ध नहीं हो सका अधिकारियों ने हार्ड डिस्क ठीक कराने की सलाह दी और दवा के बिल से जुड़ी जानकारी जुटाकर जांच में सहयोग करने को कहा गया.

ये हैं सवाल

  • क्या नींद की दवा छात्रा की मौत की वजह बनी?
  • या फिर इस दवा की आड़ में कोई और साजिश रची गई?
  • CCTV फुटेज का न मिलना महज संयोग है या किसी सबूत का गायब होना?

NEET छात्रा की मौत का यह मामला अब सिर्फ एक जांच नहीं, बल्कि राज, संयोग और सवालों से भरी एक मर्डर मिस्ट्री बन चुका है. जिसका हर नया अध्याय सच्चाई से ज्यादा सस्पेंस पैदा कर रहा है.



Also Read : ‘तेजस्वी जब बाहर थे तो अपराध कम था, लौटते ही बढ़ गया…’, बिहार में बढ़ते क्राइम पर राजीव प्रताप रूडी का बड़ा बयान

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Keshav Suman Singh

बिहार-झारखंड और दिल्ली के जाने-पहचाने पत्रकारों में से एक हैं। तीनों विधाओं (प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और वेब) में शानदार काम का करीब डेढ़ दशक से ज्‍यादा का अनुभव है। वर्तमान में प्रभात खबर.कॉम में बतौर डिजिटल हेड बिहार की भूमिका निभा रहे हैं। इससे पहले केशव नवभारतटाइम्‍स.कॉम बतौर असिसटेंट न्‍यूज एडिटर (बिहार/झारखंड), रिपब्लिक टीवी में बिहार-झारखंड बतौर हिंदी ब्यूरो पटना रहे। केशव पॉलिटिकल के अलावा बाढ़, दंगे, लाठीचार्ज और कठिन परिस्थितियों में शानदार टीवी प्रेजेंस के लिए जाने जाते हैं। जनसत्ता और दैनिक जागरण दिल्ली में कई पेज के इंचार्ज की भूमिका निभाई। झारखंड में आदिवासी और पर्यावरण रिपोर्टिंग से पहचान बनाई। केशव ने करियर की शुरुआत NDTV पटना से की थी।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >