हॉस्टल मालिक समेत 15 लोगों का होगा डीएनए मिलान, सीआईडी ने एसआईटी से हाथ में ली केस की फाइल

Bihar Neet Student Death: जहानाबाद की नीट छात्रा की मौत मामले में यौन उत्पीड़न की पुष्टि के बाद सीआईडी ने जांच तेज कर दी है. एफएसएल रिपोर्ट में स्पर्म मिलने के बाद अब हॉस्टल मालिक सहित 15 संदिग्धों का डीएनए टेस्ट कराया जाएगा. परिजनों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए दोषियों को फांसी देने की मांग की है.

Bihar Neet Student Death: जहानाबाद की नीट छात्रा की मौत के मामले में अब सीआइडी की टीम हरकत में आ गयी है. एफएसएल जांच में छात्रा के कपड़ा में स्पर्म के अवशेष मिलने के बाद यौन उत्पीड़न की पुष्टि हो गयी है. इस रिपोर्ट के आने के बाद सीआइडी के अधिकारी, एफएसएल के निदेशक विपिन चौधरी और एसआइटी रविवार को मुन्नाचक स्थित शंभू गल्र्स हॉस्टल में जांच करने पहुंची. जहां करीब करीब दो घंटे तक हॉस्टल के ग्राऊंड फ्लोर से लेकर पांचवे तल्ले तक जांच की.

सीआइडी और एफएसएल की टीम के सहयोग में एसआइटी में शामिल जक्कनपुर थाने के थानेदार रितुराज लगे हुए थे. हॉस्टल के साथ ही उन तमाम जगहों की जांच की गयी, जहां से एसआइटी ने सीसीटीवी कैमरे के फुटेज निकाला था. साथ ही कॉलेज ऑफ कॉर्मस से सटे होटल गली में भी गयी और छानबीन की. इसके बाद टीम ने काफी देर तक चित्रगुप्त नगर थाने में मंत्रणा की.

मामले की जांच अब एसआइटी के साथ ही सीआइडी ने भी शुरू कर दी है. सीआइडी के अधिकारियों ने एसआइटी से अब तक की हुई जांच का पूरा ब्योरा और साक्ष्य हासिल कर लिया है. जांच करने पहुंची सीआइडी की टीम और एफएसएल के निदेशक विपिन कुमार चौधरी ने किसी तरह का बयान देने से इंकार कर दिया.

डीएनए प्रोफाइल किया जा रहा तैयार, कराया जायेगा डीएनए टेस्ट

छात्रा के कपड़े पर मिले स्पर्म की डीएनए प्रोफाइल तैयार की जा रही है. इस प्रोफाइल में हॉस्टल मकान मालिक मनीष रंजन सहित 15 लोग शामिल हैं. इन सभी का एक के बाद एक करके डीएनए टेस्ट कराया जायेगा और उसका छात्रा के कपड़ा पर मिले स्पर्म से मिलान किया जायेगा. इन 15 लोगों में वे लोग भी शामिल हैं, जिनसे छात्रा की काफी-काफी देर बात होती थी. पुलिस ने छात्रा के मोबाइल नंबर का सीडीआर निकाल कर उन लोगों के नाम को शॉर्ट लिस्ट कर लिया है.

हॉस्टल में रहने वाली छात्राओं के वापस दिये गये सामान

हॉस्टल में रहने वाली छात्राओं का सामान कमरे में ही बंद था. हॉस्टल में लगातार एसआइटी जांच कर रही थी. जिसके कारण तमाम छात्राओं के कमरे के साथ ही हॉस्टल को बंद कर दिया गया था. छात्राओं के मार्कशीट, कपड़े और अन्य सामान कमरे में ही बंद थे और 15 दिनों से अधिक समय से चक्कर लगा रही थी. साथ में उनके अभिभावक भी परेशान थे.

रविवार को पुलिस ने मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में हॉस्टल के मेन गेट को खोला और फिर बारी-बारी से तमाम कमरों को खोल कर छात्राओं को उनका सामान सौंप दिया. इस दौरान वीडियोग्राफी भी करायी गयी. छात्राएं वैशाली, औरंगाबाद, जहानाबाद व अन्य कई जिलों की थी, जो वहां रह रही थी. इस दौरान उनके गार्जियन ने कहा कि उन्होंने हॉस्टल में रहने के लिए सात हजार रुपये एडवांस के रूप में दिया था जो डूब गया. अब वे बच्चों को लेकर पहले घर जायेंगे, उसके बाद ही आगे का निर्णय लेंगे.

छात्रा के पिता ने कहा- दोषियों को फांसी की सजा मिलनी चाहिए

छात्रा के पिता ने कहा कि उनकी बेटी के हत्यारे को खोजने के बजाए पुलिस परिजनों पर ही शक कर रही है. तीन से अधिक बार एसआइटी उनके घर पर जांच करने और बयान लेने आयी है. हर बार एक ही सवाल व शक जाहिर किया जा रहा है. इसके कारण वे लोग मानसिक रूप से टूट चुके हैं. घटना हुई कई दिन बीत चुके हैं लेकिन पुलिस अब तक हत्यारों तक नहीं पहुंची है. इसके लिए सीबीआई जांच होनी चाहिए.

छात्रा के पिता ने कहा कि मेरी बेटी के साथ धिनौनी हरकत कर हत्या की गयी है. दोषियों को फांसी की सजा मिलनी चाहिए. पुलिस की जांच गलत दिखा में जा रही है. जिसके कारण हत्यारे अब तक पकड़े नहीं गये हैं. एसआइटी उनके गांव आती है और कई घंटे रहती है. परिवार के एक-एक सदस्यों से पूछताछ की जा चुकी है.

एसआइटी पूछती है कि बेटी की मौत के पहले घर का माहौल कैसा था? उसके व्यवहार में कोई बदलाव देखा था या नहीं? बेटी पर पढ़ाई का तो दबाब नहीं था? परिजनों से उसके कैसे संबंध थे. किसी से वो मोबाइल पर घंटो बात भी करती थी?

एसआइटी के छात्रा के मामा और और ममेरे भाई से भी घंटों पूछताछ करने के सवाल पर पिता ने कहा कि उनकी बेटी अपने ममेरे भाई से बात करती थी तो इसमें गलत क्या है. दोनों भाई-बहन थे. पुलिस बेवजह का इसे तूल दे रही है. साथ ही डायरी मिलने के सवाल पर पिता ने कहा कि उन्हें ऐसी किसी डायरी की जानकारी नहीं है. अफवाह फैलाने से सच्चाई सामने नहीं आ सकती है.

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टाइम लाइन

5 जनवरी-छात्रा जहानाबाद स्थित घर से वापस हॉस्टल लौटी

6 जनवरी- दोपहर में तबीयत खराब हो गयी और हॉस्टल के बगल में सहज सर्जरी में भर्ती कराया गया. उसी दिन शाम को प्रभात मेमोरियल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया.

9 जनवरी-मेदांत हॉस्पिटल में भर्ती किया गया.

11 जनवरी- इलाज के दौरान मौत हो गयी.

12 जनवरी- पुलिस ने पोस्टमार्टम करा कर परिजनों को शव सौंपा

13 जनवरी- परिजन चिता से शव लेकर कारगिल चौक आये और घिनौनी हरकत होने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया. पुलिस ने सात नामजद व 150 अज्ञात पर किया केस दर्ज

16 जनवरी-पोस्टमार्टम रिपोर्ट यौन हिंसा की संभावना जतायी गयी.

17 जनवरी- डीजीपी के बयान पर एसआईटी का गठन, एडीजी अमित कुमार जैन, रेंज आइजी व एसएसपी ने हॉस्टल का निरीक्षण किया और हॉस्टल को सील कर दिया गया.

18 जनवरी- एसआइटी ने जांच शुरू की और जहानाबाद में परिजनों से पूछताछ की.

19 जनवरी- छात्रा के तमाम परिजनों से पूछताछ की और जगह-जगह पर लगे सीसीटीवी कैमरे के फुटेज को निकाल कर जांच की.

24 जनवरी-एफएसएल ने एसआइटी को जांच रिपोर्ट सौंपी, यौन उत्पीड़न की हुई पुष्टि, साथ ही चित्रगुप्त नगर थानाध्यक्ष रौशनी कुमारी व कदमकुआं थाने के अपर थानाध्यक्ष हेमंत कुमार झा को लापरवाही के आरोप में किया गया निलंबित

25 जनवरी-सीआइटी ने जांच की कमान संभाली.

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लेखक के बारे में

By Paritosh Shahi

परितोष शाही डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की. अभी प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम में काम कर रहे हैं. देश और राज्य की राजनीति, सिनेमा और खेल (क्रिकेट) में रुचि रखते हैं.

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