Bihar Liquor Ban: (पटना से मनोज कुमार की रिपोर्ट) बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू है, लेकिन अवैध शराब की तस्करी और खपत से जुड़े आंकड़े लगातार चौंका रहे हैं. मद्यनिषेध एवं राज्य स्वापक नियंत्रण ब्यूरो की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में देसी शराब के मुकाबले विदेशी शराब अधिक मात्रा में पकड़ी जा रही है. वहीं, शराब बेचने वालों की तुलना में शराब पीने वालों की संख्या लगभग दोगुनी है.
शराब बेचने वालों से दोगुने पियक्कड़ गिरफ्तार
रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ष 2026 के जनवरी से मई तक कुल 56,904 लोगों को गिरफ्तार किया गया. इनमें 19,877 लोग शराब की तस्करी या बिक्री में शामिल थे, जबकि 37,027 लोग शराब पीते हुए पकड़े गए. वहीं, वर्ष 2025 में शराब बेचने और पीने के आरोप में कुल 1,25,575 लोगों की गिरफ्तारी हुई थी.
मई तक 17.53 लाख लीटर शराब जब्त
साल 2026 के पहले पांच महीनों में राज्यभर से 17,53,333 लीटर अवैध शराब जब्त की गई. इसमें विदेशी शराब की मात्रा सबसे अधिक रही.
देसी शराब : 8,01,537 लीटर
विदेशी शराब : 9,51,796 लीटर
जब्त शराब की कुल अनुमानित कीमत 140 करोड़ 95 लाख 37 हजार 740 रुपये आंकी गई है. इसके अलावा मद्यनिषेध ब्यूरो की विशेष शाखा ने अलग कार्रवाई में 5,31,183 लीटर शराब भी बरामद की है.
2025 में भी विदेशी शराब रही आगे
वर्ष 2025 में कुल 37,75,321 लीटर अवैध शराब जब्त की गई थी. इसमें 18,74,308 लीटर देसी शराब और 19,01,013 लीटर विदेशी शराब शामिल थी. उस दौरान जब्त शराब की कुल कीमत 293 करोड़ 58 लाख 14 हजार 246 रुपये आंकी गई थी.
नशीले पदार्थों पर भी कार्रवाई तेज
शराब के अलावा अन्य मादक पदार्थों के खिलाफ भी अभियान जारी है. रिपोर्ट के अनुसार, इस दौरान बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थ जब्त किए गए.
- 9,06,907 नशीली गोलियां और कैप्सूल
- 3,35,309 नशीले इंजेक्शन
- 2,42,960 बोतल प्रतिबंधित कफ सिरप
विदेशी शराब की बढ़ती मांग चिंता का विषय
रिपोर्ट से साफ है कि शराबबंदी के बावजूद बिहार में विदेशी शराब की तस्करी और मांग लगातार बनी हुई है. इसके साथ ही युवाओं तक नशीले पदार्थों की पहुंच भी प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है. ऐसे में शराब और ड्रग्स के नेटवर्क पर लगातार कार्रवाई की जा रही है.
