बिहार में जमीन के 40 लाख कागज गलत, अंचलों में ही होगा समाधान, विधानसभा में बोले डिप्टी सीएम

Bihar Land Reform: बिहार में राजस्व विभाग के पास 46 लाख आवेदन लंबित हैं. इनमें 40 लाख परिमार्जन से जुड़े हैं. डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा ने विधानसभा में बताया कि नाम और पिता के नाम की गलतियां सबसे ज्यादा हैं. दाखिल-खारिज में भी परेशानी आ रही है.

Bihar Land Reform: बिहार के डिप्टी सीएम और राजस्व मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने विधानसभा में बताया कि विभाग के पास फिलहाल 46 लाख आवेदन लंबित हैं, जिनमें से 40 लाख मामले अकेले परिमार्जन यानी जमीन के कागजात में सुधार से जुड़े हैं. इन आवेदनों में सबसे ज्यादा समस्या जमीन के कागजों में नाम और पिता के नाम की गलतियों को लेकर है. सरकार का लक्ष्य इन गलतियों को जल्द सुधारना है ताकि आम लोगों को अपनी ही जमीन के लिए परेशान न होना पड़े.

विधायक के सवाल पर क्या मिला जवाब

जमीन की खरीद-बिक्री को लेकर भी सदन में चर्चा हुई. विधायक मंजीत कुमार सिंह ने सवाल उठाया कि हाई कोर्ट द्वारा रोक हटाए जाने के बाद भी अररिया, बांका, गोपालगंज और सीतामढ़ी समेत कई जिलों में जमीन का दाखिल-खारिज नहीं हो पा रहा है. इस पर डिप्टी सीएम ने कहा कि इन जमीनों का खाता-खेसरा स्पष्ट न होने के कारण तकनीकी दिक्कतें आ रही हैं. सरकार ने इस समस्या को सुलझाने के लिए अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए हैं और कानूनी राय भी ली जा रही है.

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खून-खराबा कम करना मकसद

राजस्व विभाग द्वारा चलाए जा रहे अभियान का मुख्य मकसद जमीन से जुड़े विवादों को जड़ से खत्म करना है. विजय सिन्हा ने कहा कि बिहार में जमीन विवादों की वजह से बहुत खून-खराबा हुआ है. इसे रोकना सरकार की प्राथमिकता है. पारदर्शिता लाने के लिए अब ब्लॉक लेवल पर रजिस्ट्रेशन काउंटर खोले जा रहे हैं. यहां अधिकारी इन मामलों का तेजी से निपटारा करेंगे.

सरकार का मानना है कि जब तक जमीन के रिकॉर्ड पूरी तरह साफ-सुथरे नहीं होंगे, तब तक किसानों और जमीन मालिकों को सरकारी योजनाओं का सही लाभ नहीं मिल पाएगा. इसके लिए बकायदा समय-सीमा तय की जा रही है ताकि लोगों को बार-बार दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें. विजय सिन्हा ने कहा कि जमीन की समस्या काफी जटिल है, लेकिन सरकार इसे पूरी संवेदनशीलता के साथ सुलझाने के लिए काम कर रही है.

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लेखक के बारे में

By Paritosh Shahi

परितोष शाही डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की. अभी प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम में काम कर रहे हैं. देश और राज्य की राजनीति, सिनेमा और खेल (क्रिकेट) में रुचि रखते हैं.

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