Bihar Jail New Rules: (पटना से मनोज कुमार की रिपोर्ट) बेऊर जेल में हाल ही में सामने आई अव्यवस्थाओं के बाद बिहार सरकार एक्शन मोड में आ गई है. कारा एवं सुधार सेवाएं विभाग ने राज्य की सभी जेलों के अधीक्षकों को नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं. इसका मकसद जेलों की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करना और बंदियों के लिए बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित करना है.
पहली बार अपराध करने वालों के लिए अलग वार्ड
विभाग ने निर्देश दिया है कि पहली बार अपराध करने वाले बंदियों और तरुण बंदियों (Young Prisoners) को अलग वार्ड में रखा जाए. वहीं कुख्यात अपराधियों को सामान्य बंदियों से पूरी तरह अलग रखने के लिए भी कहा गया है, ताकि जेल के भीतर अनुशासन और सुरक्षा बनी रहे.
वृद्ध, बीमार और गर्भवती बंदियों को मिलेगा विशेष आहार
नई व्यवस्था के तहत वृद्ध, बीमार और गर्भवती महिला बंदियों को विशेष आहार उपलब्ध कराया जाएगा. साथ ही सभी बंदियों को तय डाइट चार्ट के अनुसार गुणवत्तापूर्ण और पर्याप्त भोजन देने का निर्देश दिया गया है.
कारा विभाग ने सभी तरुण बंदियों का शत-प्रतिशत शैक्षणिक पाठ्यक्रमों में नामांकन कराने का निर्देश दिया है. इसका उद्देश्य उन्हें शिक्षा से जोड़कर सुधार की दिशा में आगे बढ़ाना है.
हर महीने लगेगा स्वास्थ्य शिविर
बंदियों के स्वास्थ्य की नियमित जांच के लिए प्रत्येक महीने मेडिकल कैंप आयोजित किए जाएंगे. जेल रेडियो के माध्यम से स्वास्थ्य संबंधी जानकारी भी दी जाएगी. इसके अलावा जेल परिसर, बंदी वार्ड, रसोईघर और शौचालयों की नियमित सफाई सुनिश्चित करने का आदेश दिया गया है.
जेलों को बनाया जाएगा ग्रीन कैंपस
विभाग ने जेल परिसरों को ग्रीन कैंपस के रूप में विकसित करने का निर्देश दिया है. इसके तहत फूल, औषधीय पौधे, छोटे पेड़ और मसालों की खेती की जाएगी. साथ ही बंदियों को जेल कर्मशाला से जोड़कर नए उत्पाद तैयार कराने पर भी जोर दिया गया है.
बिजली बचत और अनुशासन पर भी जोर
सभी जेलों का विद्युत लोड ऑडिट कराया जाएगा. अनावश्यक बिजली उपकरणों का इस्तेमाल तुरंत बंद करने का निर्देश दिया गया है. इसके अलावा नियमित बंदी दरबार आयोजित करने के भी निर्देश दिए गए हैं.
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प्राइवेट मेस पर पूरी तरह रोक
कारा विभाग ने साफ किया है कि किसी भी जेल में प्राइवेट मेस का संचालन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. यदि कहीं इसकी पुष्टि होती है तो संबंधित काराधीक्षक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी.
बिना अनुमति मुख्यालय छोड़ने पर होगी कार्रवाई
सभी जेल अधीक्षकों को बिना पूर्व सूचना मुख्यालय नहीं छोड़ने की हिदायत दी गई है. विभाग ने स्पष्ट किया है कि जेल प्रशासन में लापरवाही किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी. नए निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है.
