ITR Filing Tips : आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल करने की प्रक्रिया में इस वर्ष करदाताओं की सक्रियता बढ़ी है. वरीय चार्टर्ड अकाउंटेंट राजेश खेतान ने करदाताओं से अपील की है कि वे अंतिम समय का इंतजार किए बिना समय पर अपना आयकर रिटर्न दाखिल करें. इससे वेबसाइट पर तकनीकी परेशानी और आखिरी समय की भागदौड़ से बचा जा सकता है.
समय पर रिटर्न भरने से आसान होगा टैक्स अनुपालन
सीए राजेश खेतान ने बताया कि समय पर रिटर्न दाखिल करने से कर संबंधी प्रक्रिया आसान हो जाती है. यदि किसी करदाता का रिफंड बनता है तो उसके निपटारे में भी सुविधा होती है. इसके अलावा जल्दबाजी में रिटर्न भरने के दौरान होने वाली गलतियों की संभावना भी कम हो जाती है.
सही ITR फॉर्म का चयन करना जरूरी
उन्होंने कहा कि ITR Filing Tips में सबसे महत्वपूर्ण बात सही आयकर रिटर्न फॉर्म का चुनाव है. नौकरीपेशा, पेंशनभोगी और अन्य पात्र करदाताओं को अपनी आय के स्रोत के अनुसार सही फॉर्म का चयन करना चाहिए. जिनकी आय वेतन, दो या उससे कम आवासीय संपत्ति और निर्धारित अन्य स्रोतों से है, उन्हें अपनी पात्रता के अनुसार संबंधित फॉर्म भरना चाहिए.
आय के स्रोत के अनुसार भरें रिटर्न
सीए ने बताया कि जिन करदाताओं की आय में पूंजीगत लाभ या अन्य विशेष स्रोत शामिल हैं, उन्हें अपनी आय की प्रकृति के अनुसार सही आईटीआर फॉर्म का इस्तेमाल करना चाहिए. गलत फॉर्म के चयन से भविष्य में कर संबंधी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं.
दस्तावेजों का मिलान करने के बाद ही दाखिल करें रिटर्न
उन्होंने सलाह दी कि रिटर्न दाखिल करने से पहले फॉर्म-16, फॉर्म 26एएस, वार्षिक सूचना विवरण (AIS) और अन्य वित्तीय दस्तावेजों का मिलान जरूर कर लें. किसी भी तरह की गड़बड़ी या अंतर मिलने पर पहले उसकी जांच करें और जरूरत के अनुसार सुधार के बाद ही रिटर्न दाखिल करें.
गलतियों से बचकर आसान बनाएं टैक्स प्रक्रिया
सीए राजेश खेतान ने कहा कि सावधानीपूर्वक और समय पर रिटर्न दाखिल करने से नोटिस, रिफंड में देरी और अन्य कर संबंधी परेशानियों से बचा जा सकता है. इसलिए करदाताओं को अंतिम समय की प्रतीक्षा करने के बजाय समय रहते अपनी टैक्स प्रक्रिया पूरी कर लेनी चाहिए.
