दानापुर अनुमंडलीय अस्पताल में 9 महीने से बंद है अल्ट्रासाउंड सेवा, निजी केंद्रों का सहारा लेने को मजबूर मरीज

Bihar Health News: दानापुर अनुमंडलीय अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट के तबादले के बाद पिछले करीब नौ महीनों से अल्ट्रासाउंड सेवा ठप पड़ी है. अस्पताल में दो मशीनें उपलब्ध होने के बावजूद जांच नहीं हो पा रही है. इसका सबसे अधिक असर गरीब मरीजों और गर्भवती महिलाओं पर पड़ रहा है, जिन्हें मजबूरी में निजी केंद्रों पर अतिरिक्त खर्च कर जांच करानी पड़ रही है.

दानापुर से संजय कुमार की रिपोर्ट
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अनुमंडलीय अस्पताल में पहले अल्ट्रासाउंड की सुविधा उपलब्ध थी, लेकिन रेडियोलॉजिस्ट चिकित्सक के तबादले के बाद यह सेवा बंद हो गई. अस्पताल प्रशासन के अनुसार चिकित्सक की अनुपलब्धता के कारण जांच कार्य नहीं हो पा रहा है. इसका खामियाजा रोज अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को भुगतना पड़ रहा है.

गर्भवती महिलाओं को हो रही सबसे ज्यादा परेशानी

अस्पताल में प्रत्येक माह की 9 और 21 तारीख को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत विशेष शिविर का आयोजन किया जाता है. इस दौरान बड़ी संख्या में गर्भवती महिलाएं जांच कराने पहुंचती हैं. चिकित्सकों द्वारा आवश्यकतानुसार अल्ट्रासाउंड कराने की सलाह दी जाती है, लेकिन अस्पताल में सुविधा उपलब्ध नहीं होने के कारण उन्हें निजी केंद्रों का सहारा लेना पड़ता है.

मशीनें मौजूद, फिर भी जांच नहीं

अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की दो मशीनें कमरे में बंद पड़ी हुई हैं. प्रतिदिन आठ से दस मरीजों को चिकित्सक अल्ट्रासाउंड जांच कराने के लिए लिखते हैं, लेकिन सुविधा नहीं मिलने के कारण उन्हें बाहर जाना पड़ता है. मरीजों का कहना है कि मशीनें होने के बावजूद सेवा शुरू नहीं होना गंभीर लापरवाही है.

गरीब मरीजों पर बढ़ा आर्थिक बोझ

अस्पताल में इलाज कराने आने वाले अधिकांश मरीज आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से हैं. ऐसे मरीजों के लिए निजी केंद्रों पर जांच कराना अतिरिक्त बोझ साबित हो रहा है. मरीजों और स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकारी अस्पताल में सुविधा नहीं मिलने से गरीबों की परेशानी लगातार बढ़ रही है.

मंत्री और अधिकारियों के निर्देश भी बेअसर

स्थानीय विधायक सह सहकारिता मंत्री रामकृपाल यादव ने पिछले माह स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव और सिविल सर्जन को फोन कर अल्ट्रासाउंड सेवा जल्द शुरू कराने का निर्देश दिया था. इसके बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है. 29 मई को स्वास्थ्य विभाग के क्षेत्रीय अपर निदेशक डॉ. रूपम और सिविल सर्जन डॉ. योगेंद्र प्रसाद मंडल ने अस्पताल का निरीक्षण किया था. निरीक्षण के दौरान अल्ट्रासाउंड सेवा बंद मिलने पर जल्द शुरू कराने का निर्देश दिया गया था.

निदेशक प्रमुख ने भी जताई थी नाराजगी

स्वास्थ्य विभाग की निदेशक प्रमुख डॉ. रेखा झा ने 5 जून को अस्पताल का औचक निरीक्षण किया था. उन्होंने अल्ट्रासाउंड सेवा बंद रहने पर कड़ी नाराजगी जताते हुए इसे जल्द चालू करने का आदेश दिया था. हालांकि दो सप्ताह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी सेवा बहाल नहीं हो सकी है.

रेडियोलॉजिस्ट की मांग, अभी तक नहीं हुई तैनाती

अस्पताल उपाधीक्षक डॉ. निभा मोहन ने बताया कि रेडियोलॉजिस्ट चिकित्सक के तबादले के बाद अल्ट्रासाउंड सेवा बंद है. उन्होंने कहा कि एक चिकित्सक की पदस्थापना की गई थी, लेकिन उनकी नियमित उपस्थिति नहीं होने के कारण सेवा सुचारु नहीं हो सकी. उन्होंने बताया कि सिविल सर्जन से लेकर स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों तक रेडियोलॉजिस्ट की प्रतिनियुक्ति की मांग की गई है, लेकिन अब तक कोई स्थायी व्यवस्था नहीं हो पाई है.

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Published by: Karuna Tiwari

करुणा तिवारी पत्रकारिता में अपने करियर की शुरुआत Doordarshan Bihar के साथ की. 8 वर्षों तक टीवी और डिजिटल माध्यम में सक्रिय रहने के बाद, वर्तमान में वह प्रभात खबर डिजिटल, बिहार टीम के साथ कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. उन्हें बिहार की राजनीति, ग्राउंड रिपोर्टिंग और सामाजिक मुद्दों में विशेष रुचि है. अपने काम के प्रति समर्पित करुणा हर दिन कुछ नया सीखने और बेहतर करने की कोशिश करती हैं.

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