बिहार के सरकारी अस्पताल में अल्ट्रासाउंड-एक्सरे मशीन खराब? अब मरीजों को नहीं होगी परेशानी, यहां होगी जांच

Bihar News: बिहार के सरकारी अस्पतालों में अब एक्सरे, अल्ट्रासाउंड या अन्य जांच मशीन खराब होने पर मरीजों की जांच नहीं रुकेगी. स्वास्थ्य विभाग ने निर्देश दिया है कि ऐसी स्थिति में मरीजों की जांच नजदीकी सरकारी अस्पताल में कराई जाएगी, ताकि इलाज में कोई बाधा न आए.

Bihar News: (प्रह्लाद कुमार, पटना) बिहार के सरकारी अस्पतालों में इलाज कराने वाले मरीजों के लिए राहत भरी खबर है. अब अगर किसी अस्पताल में एक्सरे, अल्ट्रासाउंड या अन्य जांच मशीन तकनीकी कारणों से खराब हो जाती है, तो मरीजों को जांच के लिए भटकना नहीं पड़ेगा. ऐसे मरीजों की जांच नजदीकी सरकारी अस्पताल में कराई जाएगी. स्वास्थ्य विभाग ने इस संबंध में सभी जिलों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं.

मशीन खराब होने पर मिलेगी वैकल्पिक व्यवस्था

स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा में सामने आया कि कई बार अस्पतालों में एक्सरे या अन्य जांच मशीनें एक-दो दिनों के लिए बंद हो जाती हैं. इससे मरीजों को काफी परेशानी होती है और जांच के लिए इंतजार करना पड़ता है. इसी समस्या को देखते हुए विभाग ने निर्णय लिया है कि मशीन खराब होने की स्थिति में मरीजों को पास के सरकारी अस्पताल में भेजकर उनकी जांच कराई जाएगी, ताकि इलाज प्रभावित न हो.

अस्पतालों में लगेंगे सूचना बोर्ड

मरीजों को अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी आसानी से मिल सके, इसके लिए सभी सदर अस्पतालों और अन्य सरकारी अस्पतालों में साइनेज (सूचना बोर्ड) लगाने का निर्देश दिया गया है. इन बोर्डों पर अस्पताल में उपलब्ध जांच, इलाज और अन्य सेवाओं की जानकारी दी जाएगी. साइनेज ऐसे स्थानों पर लगाए जाएंगे, जहां मरीजों और उनके परिजनों की नजर आसानी से पड़ सके.

सिविल सर्जन और अस्पताल प्रभारियों की होगी जिम्मेदारी

स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी अस्पताल में तकनीकी खराबी के कारण जांच सेवाएं बाधित होती हैं, तो मरीजों की वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करना सिविल सर्जन और संबंधित अस्पताल प्रभारी की जिम्मेदारी होगी. उन्हें यह सुनिश्चित करना होगा कि मरीजों की जांच समय पर हो और उन्हें अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े.

मरीजों को नहीं लौटना पड़ेगा खाली हाथ

स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि राज्य के सभी सरकारी अस्पतालों में जांच सुविधाएं पहले से उपलब्ध हैं. नए निर्देश का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी मरीज को सिर्फ मशीन खराब होने की वजह से जांच या इलाज से वंचित न रहना पड़े. इस फैसले से हजारों मरीजों को राहत मिलेगी और सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाएं और अधिक सुगम बन सकेंगी.

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By Abhinandan pandey

भोपाल से शुरू हुई पत्रकारिता की यात्रा ने बंसल न्यूज (MP/CG) और दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अनुभव लेते हुए अब प्रभात खबर डिजिटल तक का मुकाम तय किया है. वर्तमान में पटना में कार्यरत हूं और बिहार की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को करीब से समझने का प्रयास कर रहा हूं. गौतम बुद्ध, चाणक्य और आर्यभट की धरती से होने का गर्व है. देश-विदेश की घटनाओं, बिहार की राजनीति, और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि रखता हूं. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स के साथ प्रयोग करना पसंद है.
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