पटना (संवाददाता). नशीले पदार्थों की अवैध तस्करी के खिलाफ राजस्व आसूचना निदेशालय (डीआरआई) को बिहार में बड़ी कामयाबी हाथ लगी है. डीआरआई की विशेष टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर 17 सितंबर को ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए 752.390 किलोग्राम गांजे की भारी खेप बरामद की है. मौके से मादक पदार्थों की तस्करी में संलिप्त एक शातिर तस्कर को भी दबोचा गया है. पकड़े गए आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस (NDPS) अधिनियम, 1985 की सुसंगत व कठोर धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है.
गुप्त सूचना के आधार पर बिछाया गया जाल
डीआरआई के अधिकारियों के अनुसार, एजेंसी को बिहार के रास्ते मादक पदार्थों की एक बड़ी खेप की आवाजाही को लेकर पुख्ता खुफिया इनपुट मिला था. इनपुट के आधार पर अधिकारियों ने रणनीतिक घेराबंदी करते हुए तस्करी के वाहन को इंटरसेप्ट किया और सघन तलाशी ली. तलाशी के दौरान छिपाकर ले जाया जा रहा 752.390 किलो उच्च गुणवत्ता वाला गांजा बरामद कर विधिवत जब्त कर लिया गया.
सिंडिकेट के फॉरवर्ड-बैकवर्ड लिंकेज खंगाल रही एजेंसी
गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसी आरोपी से गहन पूछताछ कर रही है. डीआरआई अब यह पता लगाने में जुटी है कि गांजे की यह विशाल खेप किस राज्य से लाई गई थी और बिहार में इसे किन स्थानीय सप्लायरों या रिसीवरों तक पहुंचाया जाना था. जांच टीम गिरोह के अंतरराज्यीय नेटवर्क, वित्तीय लेन-देन और इसमें शामिल अन्य मुख्य सरगनाओं की पहचान करने के लिए तकनीकी साक्ष्य जुटा रही है.
नशा मुक्त भारत अभियान के तहत कार्रवाई
डीआरआई ने स्पष्ट किया कि मादक पदार्थों के संगठित सिंडिकेट को ध्वस्त करने और आपूर्ति श्रृंखला को पूरी तरह तोड़ने के लिए समन्वित अभियान लगातार जारी रहेंगे. एजेंसी का मुख्य उद्देश्य तस्करों के पूरे नेटवर्क को नेस्तनाबूद करना और सीमा पार से होने वाली नशीले पदार्थों की आमद पर कड़ा पहरा लगाना है. यह पूरी कार्रवाई केंद्र सरकार के 'नशा मुक्त भारत' अभियान को जमीनी स्तर पर मजबूती देने के तहत की गई है.
