7 तस्वीरों में देखिए पटना में गंगा के रौद्र रूप: श्मशान में घुसा पानी,दियारा के लोगों ने पटना में लिया शरण

गंगा के जलस्तर में पिछले एक सप्ताह से लगातार वृद्धि हो रही है. गंगा के इस रौद्र रूप ने सबको डरा दिया है

पटना. गंगा के जलस्तर में पिछले एक सप्ताह से लगातार वृद्धि हो रही है. गंगा के इस रौद्र रूप ने सबको डरा दिया है.दियरा के कई गांव बाढ़ में डूब गए है. राजधानी पटना के शमशान घाटों में बाढ़ का पानी आने के कारण लोगों को अब अपनों का अन्तिम संस्कार घुटने भर पानी में करना पड़ रहा है.

पटना के दियारा के कई क्षेत्रों में गंगा ने तबाही मचा दिया है. दियारा के बंगाली टोला, राय हसनपुर जैसे गांव पूरी तरह तबाह हो गए हैं. यहां के लोग विस्थापित होकर अपने सारे समनो को लेकर पटना पहुंच रहे हैं और किसी तरह दिन काटने पर मजबूर हैं.

पटना में गंगा जिस रफ्तार से बढ़ रही है, उससे अनुमान लगाया जा रहा है कि शनिवार तक नदी का जल स्तर 2016 के रिकॉर्ड को तोड़ सकता है. पटना नहर पर पानी का दबाव बढ़ने के कारण दीघा लॉक में गेट को बंद कर दिया गया है. वहां बुडको के आठ पंप से पानी निकाला जा रहा है. हालांकि, आठ में से तीन पंप ही पूरी क्षमता के साथ काम कर रहे हैं.

पटना में शवों का अंतिम संस्कार करना भी बेहद मुश्किल हो गया है. दीघा घाट, बांसघाट और गुलबी घाट के पास होने वाले अंतिम संस्कार स्थल डूब गए हैं. परिजनों को घुटने भर पानी में घुस कर शवों का अंतिम संस्कार करना पड़ रहा है. गुलबी घाट पर बने विद्युत शवदाहगृह में पानी घुस गया. जिसके कारण उससे हुए शार्ट सर्किट के बाद विद्युत शवदाहगृह को बंद कर दिया गया है.

गंगा का लगातार बढ़ते जलस्तर के कारण कई इलाकों में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई है. गांव के लोग बाढ़ से बचने के लिए किसा तरह से पटना पहुच रहे हैं. तेज धार के कारण कटाव तेज होने से घर टूट रहे हैं, जिससे लोग महिलाएं बच्चों को लेकर पटना लॉ कॉलेज (Patna Law College) के पीजी हॉस्टल के कैम्पस में शरण लेने को मजबूर हैं. बड़ी संख्या में लोग अपने जानवरों को भी लेकर विस्थापित होने को मजबूर हैं.

बुधवार शाम से पहले यह बढ़ोतरी आधा सेंटीमीटर प्रति घंटा ही थी. गुरुवार सुबह छह बजे गांधी घाट पर गंगा का जल स्तर 50.04 मीटर था, दोपहर तीन बजे यह बढ़ कर 50.10 हो गया और शाम छह बजे यह बढ़ कर 50.12 मीटर पर पहुंच गया. गंगा नदी यहां पर खतरे के निशान से काफी उपर बह रही है. इस घाट पर खतरे का निशान 48.60 मीटर है. 2016 में यहां गंगा का जल स्तर रिकॉर्ड 50.52 मीटर था.

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