Bihar Farmer Registry: बिहार के कृषि विभाग और राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की तरफ से संयुक्त रूप से फार्मर रजिस्ट्री महाअभियान का तीसरा चरण दो फरवरी से चार फरवरी 2026 तक चलेगा. यह अभियान मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत के नेतृत्व में चल जा रहा है. इसमें जिला, अनुमंडल, प्रखंड और पंचायत स्तर तक के प्रशासनिक अधिकारी पूरी तरह सक्रिय हैं. सरकार ने इस चरण में 50 लाख किसानों के पंजीकरण का लक्ष्य तय किया है.
फार्मर रजिस्ट्री के माध्यम से किसानों को एक यूनिक डिजिटल पहचान मिलेगी. इससे उन्हें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, फसल बीमा योजना, किसान क्रेडिट कार्ड, कृषि अनुदान एवं सहायता, फसल क्षति पर वास्तविक मुआवजा जैसी सभी योजनाओं का लाभ एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म से मिल सकेगा. फार्मर रजिस्ट्री नहीं कराने वाले किसानों को भविष्य में पीएम किसान सम्मान निधि योजना से वंचित किया जा सकता है.
आसान बनाया गया है पंजीकरण
किसान कुछ माध्यमों से फार्मर रजिस्ट्री करा सकते हैं. वे अपने पंचायत के कृषि समन्वयक, किसान मित्र या राजस्व कर्मचारी से संपर्क कर रजिस्ट्री करा सकते हैं. वे नजदीकी नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर पर जाकर स्वयं ऑनलाइन पंजीकरण भी कर सकते हैं. इसके अलावा पोर्टल पर जाकर खुद भी रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं.
इसके लिए आवश्यक दस्तावेजों में आधार कार्ड, मोबाइल नंबर, स्वयं के नाम से जमाबंदी और हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया है. किसानों की सुविधा के लिए राज्य सरकार ने हेल्पलाइन नंबर 8789578914 जारी किया है.
इसके अतिरिक्त किसान जानकारी के लिए प्रखंड कृषि पदाधिकारी, अंचलाधिकारी, अनुमंडल कृषि पदाधिकारी या जिला कृषि पदाधिकारी से संपर्क कर सकते हैं.
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क्या बोले मुख्य सचिव
राज्य के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने सभी किसानों से अपील की है कि वे अभियान की बढ़ी हुई अवधि में दाे से चार फरवरी का लाभ उठाकर अनिवार्य रूप से फार्मर रजिस्ट्री करा लें. इससे किसी भी सरकारी योजना से वंचित नहीं रहना पड़ेगा और सभी योजनाओं का लाभ मिल सकेगा.
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