Bihar Expressway: पटना-सासाराम ग्रीनफील्ड कॉरिडोर के निर्माण में आ रही थी ये बाधा… डीएम ने निकाला समाधान

Bihar Expressway: पटना-सासाराम ग्रीनफील्ड कॉरिडोर से जुड़ी खबर सामने आई है. दरअसल, भोजपुर जिले में जमीन अधिग्रहण को लेकर समस्या सामने आ रही थी, जिसका सीधा असर पूरे परियोजना पर पड़ सकता था. हालांकि, डीएम की ओर से इसका समाधान निकाल लिया गया है.

Bihar Expressway: बिहार में बड़े ही तेजी से कई जिलों में पुल-पुलियों से लेकर सड़क का निर्माण कार्य जारी है. ऐसे में खबर पटना-सासाराम ग्रीनफील्ड कॉरिडोर से जुड़ी सामने आ गई है. दरअसल, जमीन अधिग्रहण को लेकर भोजपुर में छह राजस्व ग्राम में तकनीकी गड़बड़ी के कारण इस प्रोजेक्ट पर बड़ा असर पड़ सकता था. खबर की माने तो, तकनीकी गड़बड़ी के कारण जमीन अधिग्रहण को लेकर जिले के छह राजस्व ग्राम में भुगतान में देरी हो रही थी. ज्यादातर मामलों को देखा जाए तो, जमीन के कागज और दखल कब्जा में अलग-अलग नाम दर्ज होने के कारण दिक्कत हो रही थी, जिसको लेकर निदेशालय से मार्गदर्शन मांगा गया.

120 किलोमीटर लंबी होगी ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे

जानकारी के मुताबिक, छह राजस्व ग्राम में चरपोखरी अंचल के मधुरी, तरारी अंचल के डुमरिया, महेश डीह और किरतपुर. तो वहीं, उदवंतनगर अंचल के एरौड़ा और असनी शामिल है. जमीन का मुआवजा नहीं मिलने के कारण परेशानी सामने आई है. बता दें कि, यह सड़क 120 किलोमीटर लंबी ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे होगी, जो पटना के सदिसोपुर से शुरू होकर भोजपुर जिले के पांच अंचल से होते हुए सासाराम के सुअरा तक पहुंचेगी. ऐसे में भोजपुर जिले में जमीन अधिग्रहण को लेकर भू अर्जन कार्यालय ने 54 में से 48 राजस्व ग्राम में प्रक्रिया पूरी होने के बाद किसानों के खाते में मुआवजा की राशि भेजने को लेकर भूमि राशि पोर्टल पर अपलोड किया गया. इसके बाद अब किसानों के खातों में मुआवजा मिलने लगा है.

6 करोड़ की राशि हो चुकी है वितरित

वहीं, किसानों के खाते में पैसे पहुंचने के बाद सरपट ही जमीन अधिग्रहण के बाद निर्माण कार्य शुरू जाएगा. फोरलेन के निर्माण की लागत करीब 3712 करोड़ रुपए बताई जा रही है. इधर, डीएम तनय सुल्तानिया के मुताबिक, जिला प्रशासन के की ओर से सभी रैयतों को समय पर नोटिस भेजा जा चुका है. बिहार सरकार की ओर से जो रेट तय हुआ है, उसे लेकर नोटिस जारी कर दी गई है. अब तक की बात करें तो, 6 करोड़ की राशि वितरित हो चुकी है. ऐसे में अगर जमीन मालिकों को किसी भी तरह की परेशानी है तो, अथॉरिटी में अपील कर सकते हैं. इस तरह से देखा जा सकता है कि, पटना-सासाराम ग्रीनफील्ड कॉरिडोर के निर्माण में कोई बाधा नहीं आए, उसे लेकर जरूरी उपाय जल्द ही किए जा रहे हैं.

इन नेशनल हाईवे से जुड़ेगा फोरलेन…

वहीं, यह एक्सप्रेस-वे कहां-कहां से गुजरेगी, इसकी बात करें तो, सासाराम में यह तरारी में एंट्री करने के बाद चरपोखरी, गड़हनी, उदवंतनगर होते हुए कोईलवर अंचल के रास्ते से होते हुए सोन नदी को पार करेगी और पटना में एंट्री कर लेगी. खास बात यह है कि, यह फोरलेन नेशनल हाईवे 19, नेशनल हाईवे 319, नेशनल हाईवे 922, नेशनल हाईवे 120, नेशनल हाईवे 131 जी और स्टेट हाईवे 12, स्टेट हाईवे 102, स्टेट हाईवे 2 और स्टेट हाईवे 81 से जुड़ेगी. इससे पटना, सासाराम, रोहतास, भोजपुर, और अरवल के बीच कनेक्टिविटी बढ़ेगी. साथ ही इस फोरलेन को हाइब्रिड एन्युटी मॉडल के मुताबिक बनाया जाएगा. जिसके बनने से उत्तर प्रदेश और झारखंड तक का सफर बिना परेशानी के लोग कर सकेंगे.

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Author: Preeti Dayal

प्रीति दयाल, प्रभात खबर डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर काम कर रहीं हैं. यूट्यूब पोर्टल सिटी पोस्ट लाइव से पत्रकारिता की शुरुआत की. इसके बाद डेलीहंट और दर्श न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में काम कर चुकीं हैं. डिजिटल मीडिया और कंटेंट राइटिंग में साढ़े 3 साल का अनुभव है. खबरें लिखना, वेब कंटेंट तैयार करने और ट्रेंडिंग सब्जेक्ट पर सटीक और प्रभावी खबरें लिखने का काम कर रहीं हैं. प्रीति दयाल ने पत्रकारिता की पढ़ाई संत जेवियर्स कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी से की. इस दौरान पत्रकारिता से जुड़ी कई विधाओं को सीखा. मीडिया संस्थानों में काम करने के दौरान डिजिटल जर्नलिज्म से जुड़े नए टूल्स, तकनीकों और मीडिया ट्रेंड्स को सीखा. पहली बार लोकसभा चुनाव 2024 और बिहार विधानसभा चुनाव 2025 जैसे बड़े चुनावी कवरेज में काम करने का अवसर मिला. इस दौरान बिहार की राजनीति, चुनावी रणनीतियों, राजनीतिक दलों और प्रमुख नेताओं से जुड़े कई प्रभावशाली और पाठकों की रुचि के अनुसार कंटेंट तैयार किए. चुनावी माहौल को समझते हुए राजनीतिक विश्लेषण और ट्रेंडिंग मुद्दों पर आधारित खबरों को आसान और प्रभावी भाषा में तैयार करना कार्यशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है. कंटेंट रिसर्च, SEO आधारित लेखन, सोशल मीडिया फ्रेंडली कंटेंट तैयार करना और तेजी से बदलते न्यूज वातावरण में काम करना प्रमुख क्षमताओं में शामिल है. बिहार की राजनीति, सामाजिक मुद्दों, सिनेमा और देश-दुनिया की महत्वपूर्ण घटनाओं पर रुचि और समझ है. टीम के साथ बेहतर समन्वय बनाकर काम करना और समय सीमा के अंदर गुणवत्तापूर्ण काम पूरा करना कार्यशैली का हिस्सा है. प्रीति दयाल का उद्देश्य डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में लगातार सीखते हुए अपनी पत्रकारिता कौशल को और बेहतर बनाना और पाठकों तक विश्वसनीय और प्रभावशाली खबरें पहुंचाना है.

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