Bihar Education New Model: बिहार के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं के लिए राहत भरी खबर है. अब उनकी पढ़ाई में 24 घंटे कोई भी बाधा नहीं आ सकेगी. इसके लिए डिजिटल शिक्षण का नया मॉडल लागू करने की तैयारी की जा रही है. बिहार विद्यालय परीक्षा समिति डिजिटल लर्निंग ऐप शुरू करने जा रही है. इसमें 24 घंटे शिक्षक ऑनलाइन उपलब्ध रहेंगे.
कब से शुरू होगी व्यवस्था?
छात्र जब चाहें अपनी शंका पूछ सकेंगे और तय समय पर उसका समाधान पा सकेंगे. इसका उद्देश्य गांवों और दूर-दराज के इलाकों के विद्यार्थियों तक भी बेहतर शिक्षा पहुंचाना है. इस नई व्यवस्था की शुरुआत 15 अगस्त से पायलट प्रोजेक्ट के रूप में राज्य के 155 मॉडल स्कूलों में होगी.
पहले फेज में इन्हें मिलेगी सुविधा
जानकारी के मुताबिक, पहले फेज में क्लास 9 से 12 तक के छात्र-छात्राएं इससे जुड़ेंगे. वर्तमान में पटना के राजकीय कन्या माध्यमिक उच्च विद्यालय, शास्त्रीनगर में इसका सफल ट्रायल चल रहा है. अगर परिणाम बेहतर रहे तो इसे बाद में राज्य के 688 मॉडल स्कूलों तक विस्तारित किया जाएगा.
दिया जाएगा यूनिक लॉग इन-आईडी
ऐप का उपयोग करने के लिए हर छात्र को स्कूल की ओर से यूनिक लॉग इन आईडी और पासवर्ड दिया जाएगा. सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए छात्रों का वीडियो दिखाई नहीं देगा. वे केवल वॉयस या टेक्स्ट के जरिए सवाल पूछेंगे, जबकि शिक्षक लाइव वीडियो पर रहकर डिजिटल बोर्ड की मदद से विषय समझाएंगे.
टाइम स्लॉट भी कर सकेंगे बुक
सबसे खास बात यह है कि छात्र अपनी सुविधा के अनुसार पहले से टाइम स्लॉट बुक कर सकेंगे. निर्धारित समय पर संबंधित विषय के प्रशिक्षित शिक्षक ऑनलाइन जुड़ेंगे और उनकी शंकाओं का समाधान करेंगे. शिक्षक अलग-अलग शिफ्ट में 24 घंटे उपलब्ध रहेंगे. बताया जा रहा है कि अगर यह प्रयोग सफल रहा, तो सरकारी स्कूलों के छात्रों के लिए महंगी कोचिंग की जरूरत काफी हद तक कम हो सकती है.
क्या कहना है डॉ. त्यागराजन एसएम का?
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के अध्यक्ष डॉ. त्यागराजन एसएम के मुताबिक, इस योजना को फेज वाइज लागू किया जाएगा. मॉडल स्कूलों में अगर इसका संचालन सफल होगा तो बाकी के सरकारी स्कूलों में भी लागू किया जाएगा. इससे छात्रों की पढ़ाई पहले से ज्यादा इंटरेक्टिव हो सकेगी.
