Bihar Education: बिहार के शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने शुक्रवार को विधान परिषद में महिला शिक्षकों के लिए बड़ी राहत की घोषणा की है. सरकार ने स्कूलों में 730 दिनों के शिशु देखभाल अवकाश (CCL) के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार कर ली है. मंत्री ने आश्वासन दिया कि अगले 15 दिनों के भीतर इस संबंध में ऑफिसियल आर्डर जारी कर दिए जाएंगे. महिला शिक्षकों के अधिकारों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने यह कदम उठाया है ताकि छुट्टियों के मैनेजमेंट में ट्रांसपेरेंसी आए.
वेतन में भी बदलाव
शिक्षिकाओं के लिए एक और बड़ा बदलाव मातृत्व अवकाश (Maternity Leave) के दौरान मिलने वाले वेतन को लेकर किया गया है. पुरानी व्यवस्था के अनुसार, मातृत्व अवकाश से लौटने के बाद ही शिक्षिकाओं को एकमुश्त वेतन दिया जाता था. इससे उन्हें आर्थिक परेशानी होती थी. अब सरकार ने इसे बदलते हुए हर माह वेतन भुगतान की व्यवस्था की है. विभाग ने इस संबंध में तीन महीने पहले ही एसओपी जारी कर दी थी. इससे महिला कर्मचारियों को अब समय पर पैसा मिल सकेगा.
राबड़ी देवी ने क्या सुझाव दिया
सदन में ट्रांसफर के मुद्दे पर चर्चा के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने सुझाव दिया कि महिला शिक्षकों को उनके होम डिस्ट्रिक्ट में ही तैनात किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि दूरदराज के जिलों में ट्रांसफर से उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. शिक्षा मंत्री ने इस सुझाव को सकारात्मक बताते हुए कहा कि विभाग इस पर गंभीरता से विचार करेगा. महिला शिक्षकों की सुविधाओं को प्राथमिकता देना सरकार का मकसद है.
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बिल नहीं जमा करने वालों पर होगी कार्रवाई
शिक्षा विभाग ने स्कूलों में बेंच-डेस्क की खरीद में होने वाली गड़बड़ी को लेकर भी कड़ा रुख अपनाया है. मंत्री ने दो टूक कहा कि एसी-डीसी बिल जमा नहीं करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी और दोषियों पर FIR दर्ज होगी. अब बेंच-डेस्क की खरीदारी DEO के माध्यम से नहीं करने का फैसला लिया है. सरकार ने कहा कि ऑडिट में गड़बड़ी साबित होने पर किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा. हर सप्ताह इसकी समीक्षा की जाएगी.
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