Bihar Education Department: बिहार के 4 लाख सरकारी छात्रों का डाटा गलत रिकॉर्ड किया गया है. इसकी वजह से वे सरकारी योजनाओं का फायदा उठाने से पीछे रह सकते हैं. जानकारी के मुताबिक, छात्रों के आधार नंबर, माता-पिता के नाम, डेट ऑफ बर्थ या बैंक डिटेल्स में गड़बड़ी पाई गई. ऐसे में उन्हें भारी परेशानी झेलनी पड़ सकती है.
छात्रों को झेलनी पड़ सकती है ये परेशानियां
शिक्षा विभाग की तरफ से डीईओ को छात्रों के गलत रिकॉर्ड्स को अलग-अलग डेट में एक लिस्ट बनाने का आदेश दिया गया है. लिस्ट तैयार होने के बाद ही उसमें सुधार किया जाएगा. अगर छात्रों के डाटा में सुधार नहीं किया गया तो आगे उनकी मार्कशीट या टीसी में गलती होगी. सरकार की योजनाओं से जुड़े पैसे उनके अकाउंट में नहीं आ सकेंगे. साथ ही मिड डे मील में काउंटिंग भी नहीं हो सकेगी.
शिक्षा मंत्री का आदेश
जानकारी के मुताबिक, शिक्षा विभाग के मंत्री सुनील कुमार ने कहा, छात्रों के गलत रिकॉर्ड्स को सुधारने का आदेश दिया गया है. इसकी मॉनिटरिंग मुख्यालय स्तर से की जाएगी. उन्होंने सभी डीईओ को यह भी आदेश दिया कि नए सेशन में सभी छात्रों के रिकॉर्ड्स सही हो. यह भी संभावना जताई जा रही है कि अगर नए सेशन में डाटा नहीं सुधारा तो संबंधित अधिकारी पर एक्शन लिया जा सकता है.
इन छात्रों का पहले सुधारा जाएगा डाटा
जानकारी के मुताबिक, जिन भी छात्रों का अटेंडेंस 75 प्रतिशत है, उनका डाटा पहले सुधारा जाएगा. डाटा सुधरने के बाद उन्हें आसानी से सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सकेगा. 75 प्रतिशत अटेंडेंस वाले छात्रों के बाद बाकी के छात्रों का डाटा सुधारा जाएगा. इस दौरान जो छात्र स्कूल नहीं आ रहे हैं, उसकी वजह का पता लगाया जाएगा. इस तरह से करीब 4 लाख छात्रों के डाटा को सुधारा जाना है.
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