Bihar Driving License New Rules News: बिहार में नया वाहन खरीदने और ड्राइविंग लाइसेंस (DL) बनवाने की सोच रहे आम नागरिकों के लिए परिवहन विभाग से एक बड़ी खबर सामने आई है. सूबे में ड्राइविंग लाइसेंस देने की पूरी व्यवस्था को पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए सरकार एक नया नियम लागू करने जा रही है. बिहार सड़क सुरक्षा परिषद की मंगलवार को राजधानी पटना में आयोजित हाई-प्रोफाइल बैठक में यह फैसला लिया गया है कि आगे से लाइट मोटर व्हीकल (LMV) यानी हल्के वाहनों का ड्राइविंग लाइसेंस लेने के लिए राज्य में निबंधित मोटर ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल से प्रशिक्षण प्राप्त करने का मूल प्रमाण पत्र जमा करना पूरी तरह अनिवार्य होगा.
बिहार मोटरगाड़ी नियमावली में होगा कड़ा बदलाव, बिना सर्टिफिकेट नहीं बनेगा लाइसेंस
परिवहन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, इस नई व्यवस्था को कानूनी रूप देने की तैयारी पूरी हो चुकी है. सरकार इस नियम को जमीन पर उतारने के लिए बिहार मोटरगाड़ी नियमावली में जरूरी संशोधन करने जा रही है.
सड़क सुरक्षा परिषद के अधिकारीयों ने साफ किया है कि इस नई व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य नए वाहन चालकों को नियमों, ट्रैफिक सेंस और सुरक्षित ड्राइविंग को लेकर व्यावहारिक रूप से पूरी तरह प्रशिक्षित करना है.
परिवहन मंत्री दामोदर रावत की अध्यक्षता में जुटे कई विभागों के आला अधिकारी
यह फैसला परिवहन मंत्री दामोदर रावत की अध्यक्षता में आयोजित बिहार सड़क सुरक्षा परिषद की बैठक में लिया गया. इस हाई-प्रोफाइल बैठक में परिवहन, पथ निर्माण, ग्रामीण कार्य, गृह, स्वास्थ्य और शिक्षा विभाग के अलावा राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के बडे़ पदाधिकारियों सहित सड़क सुरक्षा परिषद से जुड़े सभी विशेषज्ञ मौजूद रहे. बैठक में परिवहन सचिव राज कुमार, एडीजी मुख्यालय सुधांशु कुमार, बीएसआरटीसी (BSRTC) के प्रशासक अतुल वर्मा, अपर सचिव प्रवीण कुमार और उप सचिव अरुणा कुमारी आदि वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया और सड़क सुरक्षा को प्रभावी बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण मसलों पर विचार-विमर्श किया.
बिहार में खुलेंगे कुल 66 मोटर वाहन चालन संस्थान, सभी जिलों का वार्षिक कैलेंडर तैयार
विभाग से मिले आंकड़ों के अनुसार, बिहार में इस समय 41 ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल पूरी तरह रजिस्टर्ड होकर काम कर रहे हैं, जहां प्रशिक्षक आधुनिक मानकों के अनुरूप ड्राइविंग का प्रशिक्षण दे रहे हैं.
इस बैठक में सूबे के भीतर कुल 66 मोटर वाहन चालन प्रशिक्षण संस्थान खोलने की अंतिम स्वीकृति दी गई है, जिसमें से 41 खुल चुके हैं जबकि बाकी 25 संस्थान निर्माणाधीन हैं. वाहन चालकों के बीच सड़क सुरक्षा जागरूकता बढ़ाने के लिए सभी जिलों का एक कड़ा वार्षिक प्रशिक्षण कैलेंडर भी तैयार किया गया है. साथ ही सड़क सुरक्षा से संबंधित रोड सेफ्टी गाइडलाइन भी तैयार कर सभी जिलों को उपलब्ध करा दी गई है.
परिवहन मंत्री दामोदर रावत ने कड़े शब्दों में कहा कि सरकार सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और सुरक्षित यातायात सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. उन्होंने कहा कि प्रशिक्षित चालक ही सुरक्षित यातायात व्यवस्था की सबसे मजबूत हिस्सा हैं. वहीं परिवहन सचिव राजकुमार ने स्पष्ट किया कि विभाग अब प्रशिक्षण पर विशेष जोर दे रहा है, क्योंकि एक प्रशिक्षित चालक न केवल अपनी बल्कि सड़क पर चल रहे दूसरे लोगों की सुरक्षा भी सुनिश्चित करता है.
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