बिहार का सियासी तापमान गिरने का नाम नहीं ले रहा. पहले कोरोनाकाल में जाप नेता पप्पू यादव की गिरफ्तारी तो उसके बाद लोजपा में बड़ी टूट ने सूबे की सियासत को गरमा दी. इस बीच अब केंद्रीय मंत्रीमंडल विस्तार में जदयू की भागीदारी को लेकर भी तरह-तरह की अटकलें तेज हो गयी है. वहीं लोजपा में टूट को लेकर जब चिराग पासवान ने जदयू पर हमला बोला तो सूबे की सियासत और गरमायी. अब प्रदेश के मुखिया नीतीश कुमार दिल्ली गए हैं. जहां उन्होंने मीडिया से बात करने के दौरान पहली बार इन मुद्दों पर कुछ कहा है…
नीतीश कुमार मंगलवार को विशेष विमान ने दिल्ली पहुंचे. उनके दिल्ली यात्रा को मोदी कैबिनेट विस्तार से जोड़कर देखा जाने लगा जिसके बाद अटकलों का बाजार और अधिक गरमाया. वहीं मीडिया से बात करते हुए उन्होंने बताया कि ये उनकी निजी यात्रा है. उन्हें आंख का इलाज कराना है जिसके कारण वो दिल्ली आए हैं.
वहीं इस दौरान उन्होंने मीडिया के उन सवालों का जवाब भी दिया जो लोजपा से जुड़ा रहा्. चिराग पासवान के द्वारा जदयू पर लगाए गए आरोपों पर भी सीएम नीतीश कुमार बोले. उन्होंने चिराग पर कुछ भी बोलने से मना करते हुए कहा कि यह उनका अंदरूनी मसला है. हमलोग इसमें शामिल नहीं हैं. हमें इससे कोई मतलब नहीं है.
बता दें कि चिराग पासवान ने लोजपा में हुई बगावत का ठीकरा जदयू पर फोड़ दिया था. जिसपर जदयू के नेताओं ने पहले भी कहा था कि इसमें जेडीयू को कोइ दिलचस्पी नहीं है. पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष आरसीपी सिंह ने इसे लेकर चिराग के उपर ही हमला किया था और उन्हें ही इस टूट का जिम्मेदार बताया था. नीतीश कुमार ने मंगलवार को कहा कि कुछ लोग पब्लिसिटी लेने उनके खिलाफ लगातार बोलते हैं.
लोजपा सांसदों से जदयू के एक नेता की मुलाकात पर नीतीश कुमार ने कहा कि सभी लोग आपस में मिलते जुलते हैं. बातचीत करते हैं. लोजपा के लोग जो कर रहे हैं वो उनके आपस की बात है्. इसमें जदयू कहीं नहीं है.
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पप्पू यादव की गिरफ्तारी पर भी मीडिया ने उनसे सवाल किया. इसपर उन्होंने कहा कि इसमें हमने कुछ नहीं किया है. उनका (पप्पू यादव) कोर्ट का कोई पुराना मामला है. बता दें कि हाल में ही कोरोनाकाल के दौरान पप्पू यादव को एक पुराने मामले में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है. उन्होंने इसे सरकार की साजिश कहा था.
Posted By: Thakur Shaktilochan
