बिहार में बच्चा चोरी की अफवाह फैलाई तो खैर नहीं, थानों को दिए गए सख्त निर्देश

Bihar News: बिहार में बच्चा चोरी की अफवाहों को लेकर पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों को अलर्ट कर दिया है. एडीजी ने बताया कि हाल के कई मामले जांच में अफवाह निकले हैं. पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी सूचना पर कानून हाथ में न लें और तुरंत 112 या नजदीकी थाने को जानकारी दें.

Bihar News: बिहार में बच्चा चोरी की अफवाहों को लेकर पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों को अलर्ट जारी किया है. थानों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि ऐसी कोई सूचना मिलते ही तुरंत जांच की जाए. अगर कोई बच्चा 24 घंटे तक लापता रहता है तो केस दर्ज करना अनिवार्य होगा.

दो दिन में पांच मामले, सभी निकले अफवाह

सीआईडी (कमजोर वर्ग) के एडीजी अमित कुमार जैन ने प्रेस वार्ता में बताया कि दो दिनों में बच्चा चोरी के पांच मामले सामने आए. इनमें मुजफ्फरपुर के दो, जबकि जमुई, पूर्णिया और नालंदा के एक-एक मामले शामिल हैं. जांच में ये सभी घटनाएं अफवाह साबित हुईं.

अफवाह से बढ़ता है मॉब लिंचिंग का खतरा

एडीजी ने कहा कि बच्चा चोरी की खबर तेजी से फैलती है. कुछ ही देर में भीड़ जुट जाती है. इससे मॉब लिंचिंग जैसी घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है. कई बार निर्दोष लोग भी भीड़ का शिकार हो जाते हैं. उन्होंने अपील की कि ऐसी स्थिति में डायल-112 या नजदीकी थाने को तुरंत सूचना दें. कानून हाथ में न लें.

44 एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट एक्टिव

गुमशुदा बच्चों की समस्या से निपटने के लिए राज्य में 44 एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) गठित की गई हैं. इसके अलावा पटना, गया और दरभंगा में भी यूनिट काम कर रही है. पूर्णिया एयरपोर्ट पर नई यूनिट बनाने का प्रस्ताव है. चार महीने तक बच्चा नहीं मिलने पर मामला AHTU को ट्रांसफर कर दिया जाता है.

2025 में 14,699 गुमशुदगी के मामले

एडीजी ने आंकड़े जारी किए. वर्ष 2025 में 14,699 गुमशुदगी के मामले दर्ज हुए. इनमें 12,526 बालिकाएं और 2,173 बालक शामिल हैं. पुलिस ने 7,772 बच्चों को बरामद कर लिया है. 6,927 बच्चे अब भी लापता हैं.

‘वात्सल्य पोर्टल’ से मिलेगी मदद

भारत सरकार के ‘वात्सल्य पोर्टल’ से सभी राज्यों के थाने जुड़े हैं. बिहार से लापता बच्चा यदि दूसरे राज्य में मिलता है तो इसकी सूचना तुरंत मिल जाती है. इसके बाद पुलिस बच्चे को सुरक्षित वापस लाती है. पुलिस ने साफ कहा है कि अफवाह से बचें. सतर्क रहें, लेकिन संयम भी रखें.

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Published by: Abhinandan Pandey

अभिनंदन पांडेय पिछले दो वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की और दैनिक जागरण, भोपाल में काम किया. वर्तमान में वह प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के हिस्सा हैं. राजनीति, खेल और किस्से-कहानियों में उनकी खास रुचि है. आसान भाषा में खबरों को लोगों तक पहुंचाना और ट्रेंडिंग मुद्दों को समझना उन्हें पसंद है. अभिनंदन ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से की. पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को सही तरीके से लोगों तक पहुंचाने की सोच ने उन्हें इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. दैनिक जागरण में रिपोर्टिंग के दौरान उन्होंने भोपाल में बॉलीवुड के कई बड़े कलाकारों और चर्चित हस्तियों के इंटरव्यू किए. यह अनुभव उनके करियर के लिए काफी अहम रहा. इसके बाद उन्होंने प्रभात खबर डिजिटल में इंटर्नशिप की, जहां उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की वास्तविक दुनिया को करीब से समझा. बहुत कम समय में उन्होंने रियल टाइम न्यूज लिखना शुरू कर दिया. इस दौरान उन्होंने सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता भी बेहद जरूरी होती है. फिलहाल वह प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ काम कर रहे हैं. बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान उन्होंने कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में कवर किया, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और वीडियो कंटेंट भी तैयार किए. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और भरोसेमंद खबर पहुंचे. पत्रकारिता में उनका लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और एक विश्वसनीय पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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