Bihar Census 2027: जनगणना 2027 को लेकर बिहार में प्रशासन ने तैयारी तेज कर दी है. केंद्र सरकार और बिहार जनगणना निदेशालय के निर्देश के बाद राज्य के सभी जिलों में जिला स्तर पर जनगणना समन्वय समितियां बनाई जा रही है. इसी क्रम में पटना जिले में जिला स्तरीय जनगणना कॉर्डिनेशन समिति का गठन कर दिया गया है. इसे पूरे राज्य के लिए एक मॉडल के रूप में देखा जा रहा है.
डीएम को बनाया गया समिति का अध्यक्ष
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार जनगणना 2027 को सही तरीके और तय समय पर पूरा करने के लिए जिला स्तर पर सभी विभागों के बीच बेहतर तालमेल जरूरी है. इसी कारण जिलाधिकारी को इस समिति का अध्यक्ष बनाया गया है.
समिति में उप विकास आयुक्त के साथ शिक्षा विभाग, पंचायती राज विभाग, सांख्यिकी विभाग, आईसीडीएस, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग और योजना विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को शामिल किया गया है.
अधिकारियों का कहना है कि जनगणना सिर्फ लोगों की गिनती नहीं है, बल्कि इसी आंकड़े के आधार पर सरकार की योजनाएं और नीतियां बनती हैं. इसलिए किसी भी तरह की लापरवाही से बचना जरूरी है.
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समिति का क्या काम होगा
जिला स्तरीय जनगणना समन्वय समितियां जनगणना से जुड़े सभी कार्यों पर नजर रखेंगी. ये समितियां फील्ड स्तर पर आने वाली समस्याओं का समाधान करेंगी और समय-समय पर काम की प्रगति की समीक्षा भी करेंगी.
जानकारी के अनुसार पटना की तरह ही जल्द ही बिहार के बाकी जिलों में भी ऐसी समितियों का गठन किया जाएगा. इससे शहर और गांव, दोनों क्षेत्रों में जनगणना का काम बेहतर तरीके से हो सकेगा.
प्रशासन पंचायत स्तर पर जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के बीच बेहतर तालमेल बनाने पर भी जोर दे रहा है. अधिकारियों ने बताया कि जनगणना 2027 में डिजिटल तकनीक का ज्यादा इस्तेमाल किया जाएगा.
ऐसे में जिला स्तर पर कर्मचारियों का प्रशिक्षण, जरूरी संसाधनों की उपलब्धता और विभागों के बीच कॉर्डिनेशन बहुत अहम हो जाता है. इसी को ध्यान में रखते हुए सभी विभागों की जिम्मेदारियां पहले से साफ-साफ तय की जा रही हैं, ताकि जनगणना का काम बिना किसी परेशानी के पूरा किया जा सके.
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