Bihar Cabinet: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई बिहार कैबिनेट की बैठक में 13 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई. बैठक में बिजली उपभोक्ताओं की सुविधा, उद्योग, रोजगार, स्वास्थ्य, कृषि, मत्स्य पालन और कौशल विकास से जुड़े कई बड़े फैसले लिए गए.
बिजली उपभोक्ताओं की शिकायतों के तेजी से निपटारे के लिए नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड और साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड में द्वि-स्तरीय उपभोक्ता शिकायत निवारण फोरम बनाने का फैसला लिया गया.
इसके लिए चीफ इंजिनियर के 2 और विद्युत अधीक्षण अभियंता (Superintending Engineer – Electrical) के 2 नए पद तैयार किए जाएंगे. इससे बिजली से जुड़ी शिकायतों का समाधान पहले से अधिक तेजी और प्रभावी तरीके से हो सकेगा.
क्या-क्या फैसला हुआ
कैबिनेट ने मधुबनी जिले के राजनगर रेलवे स्टेशन के पास सोनवारी और परिहारपुर में 50 हजार मीट्रिक टन क्षमता का अनाज भंडारण साइलो बनाने की मंजूरी भी दी है. मेसर्स लीप एग्री लॉजिस्टिक (मधुबनी) प्राइवेट लिमिटेड इस परियोजना में 83 करोड़ 25 लाख रुपये का निवेश करेगी. साइलो बनने से राज्य में बड़े स्तर पर अनाज भंडारण की सुविधा विकसित होगी और 109 लोगों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना है.
भोजपुर जिले के बाणासुर मत्स्य बीज प्रक्षेत्र में इंटीग्रेटेड एक्वा पार्क स्थापित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिली है. प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत बनने वाले इस पार्क में मत्स्य पालन, मत्स्य बीज उत्पादन, प्रसंस्करण, भंडारण, व्यापार और प्रशिक्षण की सुविधाएं एक ही जगह उपलब्ध होंगी.
मछुआरों और मत्स्य किसानों को आधुनिक तकनीक का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा. 31 करोड़ 20 लाख 92 हजार रुपये की इस परियोजना में केंद्र सरकार 18 करोड़ 72 लाख 55 हजार रुपये और राज्य सरकार 12 करोड़ 48 लाख 37 हजार रुपये खर्च करेगी.
कैबिनेट ने प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना (PMFME) को भी आगे बढ़ाने का फैसला लिया. योजना की अवधि 30 सितंबर 2026 तक बढ़ा दी गई है. 2026-27 में इसके संचालन के लिए 164 करोड़ 51 लाख 60 हजार रुपये स्वीकृत किए गए हैं. योजना के तहत सूक्ष्म खाद्य उद्योग लगाने वाले उद्यमियों को परियोजना लागत का 35 प्रतिशत अनुदान मिलेगा. व्यक्तिगत लाभार्थियों को अधिकतम 10 लाख रुपये तक की सहायता दी जाएगी.
बिहार की ताजा खबरों के लिए क्लिक करें
औरंगाबाद और कैमूर को तोहफा
औरंगाबाद जिले के नबीनगर में नया औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) स्थापित किया जाएगा. यह संस्थान भारतीय रेल बिजली कंपनी लिमिटेड और राज्य सरकार के बीच हुए समझौते के तहत बनेगा. यहां पांच ट्रेड में प्रशिक्षण शुरू होगा और इसके संचालन के लिए 38 नए पद सृजित किए जाएंगे. इस पर हर साल 2 करोड़ 11 लाख 89 हजार रुपये खर्च होंगे.
स्वास्थ्य क्षेत्र में भी बड़ा फैसला लिया गया है. मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष का लाभ लेने के लिए वार्षिक आय सीमा 2.50 लाख रुपये से बढ़ाकर 4 लाख रुपये कर दी गई है. इससे अधिक संख्या में जरूरतमंद मरीज सरकारी सहायता प्राप्त कर सकेंगे.
कैमूर जिले के मोहनियां अंचल के दादर मौजा में 7 एकड़ सरकारी जमीन डेयरी एवं दुग्ध उत्पादन संयंत्र लगाने के लिए डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग को निःशुल्क स्थायी रूप से हस्तांतरित की जाएगी.
इसके अलावा युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग के तहत बिहार कौशल विकास मिशन में 19 नए पद सृजित करने की मंजूरी दी गई है. इन पदों पर हर साल 2 करोड़ 24 लाख 37 हजार रुपये खर्च होंगे. इससे युवाओं को आधुनिक कौशल प्रशिक्षण देने और ग्रामीण क्षेत्रों तक कौशल विकास कार्यक्रम पहुंचाने में मदद मिलेगी.
इसे भी पढ़ें: नीतीश कुमार की पार्टी ने रचा इतिहास, एक करोड़ पार पहुंची सदस्यों की संख्या
पटना में कोचिंग बवाल के बाद सरकार एक्शन में, नकेल कसने की तैयारी, मिथिलेश तिवारी ने किया ऐलान
