Bihar Cabinet: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार 6 मई को हुई बिहार कैबिनेट बैठक में आम लोगों की सुविधा, सरकारी कर्मचारियों की राहत और राज्य के विकास से जुड़े कई बड़े फैसले लिए गए. बैठक में 20 प्रस्तावों को मंजूरी मिली. नगर निकाय चुनाव को आसान और आधुनिक बनाने के लिए सरकार ने फैसला किया है.
अब बुजुर्गों, दिव्यांगों और गंभीर बीमार मतदाताओं को ई-वोटिंग की सुविधा मिलेगी. यानी ऐसे लोग घर या अपनी सुविधा वाली जगह से वोट डाल सकेंगे. इसके लिए हैदराबाद की सी-डैक एजेंसी को जिम्मेदारी दी गई है. शहरों के विकास के लिए विश्व बैंक की मदद से बिहार अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन प्रोग्राम को मंजूरी मिली है, जिसके तहत करीब 500 मिलियन डॉलर का निवेश होगा.
क्या- क्या फैसला लिया गया
सरकारी कर्मचारी और पेंशनधारी अब अपनी सैलरी या पेंशन के आधार पर बैंकों से आसानी से एडवांस और लोन ले सकेंगे. स्वास्थ्य विभाग ने सीतामढ़ी के सरकारी मेडिकल कॉलेज का नाम बदलकर माता सीता चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल करने का फैसला लिया है.
शिक्षा के क्षेत्र में अरवल और शेखपुरा में केंद्रीय विद्यालय खोलने का रास्ता साफ हुआ है. इसके लिए सरकार एक रुपये के प्रतीकात्मक शुल्क पर जमीन लीज पर देगी. परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पीएम ई-बस सेवा के तहत बिहार में 400 नई इलेक्ट्रिक एसी बसें चलाई जाएंगी. इसके लिए सरकार ने सब्सिडी बढ़ाकर 517.16 करोड़ रुपये कर दी है.
साथ ही सड़कों की निगरानी और रखरखाव को बेहतर बनाने के लिए अब एआई और मशीन लर्निंग तकनीक का इस्तेमाल होगा. इस पर बड़ी राशि खर्च की जाएगी.
पटना एयरपोर्ट विस्तार, औद्योगिक निवेश बढ़ाने, गंगा कटाव रोकने और शराबबंदी कानून से जुड़े मामलों की सुनवाई तेज करने के लिए भी कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए.
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