Bihar Building Bye Laws: बिहार में घर या कोई भी कमर्शियल बिल्डिंग बनाना अब पहले से कहीं ज्यादा आसान और पारदर्शी होने जा रहा है. राज्य सरकार ने भवन निर्माण और शहरी विकास से जुड़े नियमों को सरल बनाने के लिए ‘बिहार बिल्डिंग बायलाज 2026’ का एक नया मसौदा तैयार किया है.
इस नए नियम के जमीन पर उतरते ही नक्शा पास कराने की पूरी व्यवस्था बदल जाएगी. खासकर छोटे और मध्यम आकार के मकान बनाने वाले लोगों को अब सरकारी बाबू और दफ्तरों की परिक्रमा नहीं करनी पड़ेगी, क्योंकि सरकार इसमें ‘सेल्फ-सर्टिफिकेशन’ की एक बेहद शानदार व्यवस्था जोड़ने जा रही है. फिलहाल इस मसौदे पर आम लोगों और एक्सपर्ट्स से सुझाव व आपत्तियां मांगी गई हैं, जिसके बाद इसे कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा.
ऑनलाइन खुद ही पास कर सकेंगे नक्शा, जानिए क्या है शर्त
नए बायलाज में जो सबसे बड़ा और क्रांतिकारी बदलाव किया गया है, वह है सेल्फ-सर्टिफिकेशन सिस्टम. इसके तहत तय की गई कैटेगरी वाले भवनों को अब नगर निगम या नगर निकाय से नक्शा पास कराने की कोई मजबूरी नहीं होगी. मकान मालिक को बस सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त किसी अधिकृत आर्किटेक्ट या तकनीकी विशेषज्ञ से अपने घर का नक्शा तैयार करवाना होगा और उसे ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड कर देना होगा.
इसके साथ ही जरूरी फीस जमा करते ही आपका स्वीकृति सर्टिफिकेट तुरंत डाउनलोड हो जाएगा. इस स्कीम के तहत 24 मीटर की ऊंचाई और एक फ्लोर पर अधिकतम 750 वर्गमीटर एरिया वाले आवासीय भवनों को रखा गया है. इसके अलावा तय मानकों के तहत स्कूल, मॉल, फैक्ट्री और गोदामों को भी इस दायरे में लाया गया है.
तय हुए कमरे और सीढ़ियों के साइज
नए नियमों में आम जनता को बड़ी राहत देते हुए डीम्ड परमिशन का भी बेहतरीन नियम शामिल किया गया है. इसके मुताबिक, अगर कोई व्यक्ति नक्शा पास कराने के लिए आधिकारिक तौर पर आवेदन देता है और संबंधित विभाग या अधिकारी 30 दिनों के भीतर उसे न तो मंजूर करता है और न ही खारिज, तो उस नक्शे को अपने आप पास मान लिया जाएगा.
इससे फाइलों को दबाकर बैठने के चलन पर रोक लगेगी. इसके साथ ही नए बायलाज में कमरे की ऊंचाई, किचन, बाथरूम, सीढ़ी और बालकनी के न्यूनतम साइज के स्टैंडर्ड भी तय कर दिए गए हैं. साथ ही पुराने कई दंडात्मक नियमों और जुर्माने में भी ढील देने का प्रस्ताव है.
पूरे बिहार के शहरों में एक साथ लागू होगा नियम
सरकार का यह नया नियम पूरे बिहार के सभी नगर निगमों, नगर परिषदों, नगर पंचायतों, महानगरीय क्षेत्रों और प्लानिंग एरिया में एक समान रूप से लागू होगा. नए नियम में यह भी साफ कर दिया गया है कि अगर किसी पुरानी बिल्डिंग की परमिशन की अवधि खत्म हो चुकी है और उसका काम अभी अधूरा है, तो उसका बाकी बचा हुआ कंस्ट्रक्शन अब इसी नए 2026 के बायलाज के हिसाब से ही करना होगा. ठीक इसी तरह जिन बड़े प्रोजेक्ट्स को पहले ही अनुमति मिल चुकी थी, लेकिन किसी वजह से काम शुरू नहीं हो पाया और परमिशन की मियाद खत्म हो गई, उन्हें भी अब इसी नए नियम के दायरे में आना होगा.
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क्या मानक तय हुआ
बिहार सरकार द्वारा जारी किए गए नए बिल्डिंग बायलाज 2026 के मसौदे में अलग-अलग श्रेणियों के भवनों के लिए उनकी अधिकतम ऊंचाई और एक फ्लोर का अधिकतम एरिया पूरी तरह से तय कर दिया गया है. इसके तहत आवासीय भवनों यानी घरों के लिए अधिकतम ऊंचाई 24 मीटर और एक तल का अधिकतम क्षेत्रफल 750 वर्गमीटर निर्धारित किया गया है. शैक्षणिक संस्थानों जैसे स्कूल और कॉलेजों के लिए ऊंचाई की सीमा 9 मीटर और एरिया 500 वर्गमीटर रखा गया है. इंस्टीट्यूशन भवनों के लिए सबसे ज्यादा 15 मीटर की ऊंचाई और 500 वर्गमीटर का क्षेत्रफल तय हुआ है.
ऑडिटोरियम की बात करें तो इनके लिए अधिकतम ऊंचाई 9 मीटर और एक फ्लोर का एरिया 750 वर्गमीटर तय किया गया है. कमर्शियल कॉम्प्लेक्स और मॉल्स के लिए अधिकतम ऊंचाई 15 मीटर और एक तल का अधिकतम क्षेत्रफल 250 वर्गमीटर निर्धारित हुआ है. सबसे बड़े एरिया वाले औद्योगिक भवनों यानी फैक्ट्रियों के लिए ऊंचाई की सीमा 15 मीटर और एक फ्लोर का अधिकतम क्षेत्रफल 2000 वर्गमीटर रखा गया है. सामान रखने वाले भंडारण भवनों यानी गोदामों के लिए अधिकतम ऊंचाई 9 मीटर और एक तल का अधिकतम क्षेत्रफल 500 वर्गमीटर तय किया गया है.
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