Bihar Bhumi: राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अधिकारियों पर मंत्री विजय सिन्हा फिर सख्त हो गए हैं. सुपीरियर रेवेन्यू कोर्ट के आदेशों का पालन हर हाल में सात दिनों के अंदर अंचल अधिकारियों को करना होगा. कोर्ट का आदेश आरसीएमएस पोर्टल पर आएगा. सरकारी जमीन या सरकार के हित को प्रायोरिटी दी जायेगी. अगर अधिकारी की तरफ से लापरवाही बरती गई तो उन पर कार्रवाई की जाएगी.
मंत्री विजय सिन्हा ने क्या कहा?
उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा था कि सुपीरियर रेवेन्यू कोर्ट के आदेशों को लेकर लापरवाही या फिर जानबूझकर देरी किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जाएगा. सभी लेवल के राजस्व अधिकारियों को अपने वरीय अधिकारियों के आदेश का पालन समय सीमा में करना होगा.
उन्होंने यह भी कहा, आरसीएमएस पोर्टल पर आदेश होते ही उसका पालन सात दिनों के अंदर ही किया जाए. दोषी अंचल अधिकारियों के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी.
प्रधान सचिव ने लेटर के जरिए क्या दिया आदेश?
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रधान सचिव सीके अनिल ने सभी अंचल अधिकारियों को निर्देश जारी किया था. एक लेटर जारी कर लिखा था, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा और उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा के भूमि सुधार जन कल्याण संवाद के दौरान यह जानकारी मिली है कि एडिशनल कलेक्टर और भूमि सुधार डिप्टी कलेक्टर के अर्द्ध-न्यायिक राजस्व आदेशों को कई अंचल अधिकारी जानबूझकर लंबित रख रहे हैं.
इसे विभाग ने न्यायिक व्यवस्था के लिए बहुत गंभीर विषय बताया है. प्रधान सचिव ने स्पष्ट किया कि अंचल अधिकारी प्राइमरी रेवेन्यू कोर्ट के रूप में काम करते हैं. अलग-अलग अधिनियमों के तहत उन्हें कोर्ट की शक्तियां दी गई हैं. भूमि सुधार उपसमाहर्ता (डीसीएलआर) को अंचल अधिकारी के आदेशों के अपीलीय प्राधिकार है. जमाबंदी रद्द करने के मामलों की प्रारंभिक सुनवाई एडिशनल कलेक्टर के कोर्ट में होती है.
जिला स्तर पर कलेक्टर रेवेन्यू कोर्ट प्रशासन के सर्वोच्च प्राधिकारी है. उनके आदेश निचली अदालतों के लिए बाध्यकारी और अंतिम होते हैं. डिविजनल कमिश्नर अपने-अपने इलाके में कलेक्टर की तरफ से दिए गए आदेशों के अपीलीय प्राधिकार हैं. वे रेवेन्यू कोर्ट के आदेशों का पालन और मॉनीटरिंग सुनिश्चित करेंगे. ऐसे में अंचल अधिकारी अपने वरीय न्यायिक आदेश के पालन की ऑथेंटिक रिपोर्ट आरसीएमएस पोर्टल के जरिए सक्षम पदाधिकारी (कलेक्टर) को भेजें.
