Bihar Bhumi: दाखिल-खारिज की रफ्तार पड़ी धीमी, सख्ती के बावजूद इतने आवेदन लंबित, 14 जनवरी है डेडलाइन

Bihar Bhumi: बिहार में दाखिल-खारिज के लिए सरकार मेगा अभियान चला रही. लेकिन तमाम सख्ती के बावजूद इसकी रफ्तार धीमी पड़ गई है. दरअसल, मुजफ्फरपुर जिले के 16 अंचलों में अब 15,736 आवेदन लंबित हैं. इसके अलावा 6,052 आवेदन रिजेक्ट कर दिए गए हैं.

By Preeti Dayal | January 10, 2026 12:28 PM

Bihar Bhumi: बिहार में जमीन से जुड़े मामलों के निपटारे को लेकर सरकार कई पहल कर रही है. लेकिन, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की तमाम कड़ाई और हिदायतों के बावजूद मुजफ्फरपुर जिले में दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) की रफ्तार सुस्त पड़ गई है. मालूम हो, दाखिल-खारिज के लिए बिहार सरकार ने मेगा अभियान की डेडलाइन 14 जनवरी तय की है.

कम नहीं हो रहा लंबित आवेदनों की संख्या

मुजफ्फरपुर जिले में आलम यह है कि विभाग की तरफ से समय-सीमा तय किए जाने के बाद भी लंबित आवेदनों का आंकड़ा कम होने का नाम नहीं ले रहा है. ताजा रिपोर्ट के अनुसार, जिले के सभी 16 अंचलों में कुल 15,736 आवेदन फिलहाल लंबित हैं. यह स्थिति तब है जब सरकार जमीन विवादों को कम करने के लिए म्यूटेशन प्रक्रिया को पारदर्शी और तेज बनाने पर जोर दे रही है.

सख्ती के बावजूद अटके हैं मामले

विभागीय आंकड़ों की माने तो, लंबित 15,736 आवेदनों में से 14,311 आवेदन अभी समय सीमा के अंदर हैं. लेकिन, 1,425 ऐसे मामले हैं जो निर्धारित समय सीमा को पार कर चुके हैं. यानी कानूनन जिस समय सीमा के अंदर इनका निपटारा हो जाना चाहिए था, वह बीत चुका है. इसके अलावा आवेदनों की जांच में बरती जा रही सख्ती के कारण 6,052 आवेदनों को अलग-अलग एरर के आधार पर रिजेक्ट भी किया गया है.

क्या कहना है राजस्व अधिकारियों का?

मुजफ्फरपुर जिले के 16 अंचलों में कुल 72,373 आवेदनों का अंबार लगा है. राजस्व अधिकारियों का कहना है कि दस्तावेजों की कमी और तकनीकी दिक्कतों के कारण कुछ आवेदन रिजेक्ट होते हैं, लेकिन समय सीमा पार कर चुके मामले सिस्टम पर सवाल खड़ा करता है. इधर, आम लोगों को अपनी जमीन के म्यूटेशन के लिए अंचल कार्यालयों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं, जिससे उनमें असंतोष देखा जा रहा है.

14 जनवरी तक लंबित मामलों के निपटारे का आदेश

जानकारी के मुताबिक, सरकार ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि पुराने और लंबित मामलों का निपटारा तय समय सीमा के भीतर किया जाए. इसके लिए 14 जनवरी तक का समय निर्धारित किया गया है. इस अवधि में सप्ताह के छह दिन सुबह 9 बजे से रात 9 बजे तक शिविरों में काम किया जाएगा, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को लाभ मिल सके.

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