पटना : कोरोना संकट के बीच बिहार विधानसभा चुनाव की तैयारियां शुरू हो गयी हैं. इस साल होनेवाले बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर बीजेपी ने सोशल डिस्टेन्सिंग का पालन करते हुए चुनावी रणनीति शुरू कर दी है. बीजेपी की कोशिश है कि कोरोना संकट के दौर में केंद्र सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को लोगों तक पहुंचाया जाये.
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इसी क्रम में बीजेपी ने विधानसभा प्रभारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेन्सिंग कर संगठनात्मक चर्चा की. बिहार बीजेपी के महासचिव (संगठन) नागेंद्र नाथ ने बताया कि बगहा, बेतिया, रक्सौल, मोतिहारी, ढाका, गोपालगंज, सिवान, छपरा, वैशाली, मुजफ्फरपुर, बगहा, सीतामढ़ी, शिवहार, मधुबनी के विधानसभा प्रभारियों से संगठनात्मक चर्चा की गयी. इस चर्चा में बिहार के प्रभारी भूपेंद्र यादव भी शामिल हुए.
मालूम हो कि बीजेपी ने बिहार की सभी विधानसभा सीटों के लिए चुनाव प्रभारी नियुक्त कर दिये हैं. चुनाव प्रभारियों पर ही रणनीति की तैयारी से लेकर बूथ स्तर तक संगठन की मजबूती की जिम्मेदारी है. साथ ही बिहार के हर बूथ पर सात सदस्यों की कमेटी गठित करने का निर्देश दिया गया है. इस कमेटी को ‘सप्तर्षि’ का नाम दिया गया है. चुनाव प्रभारी अपने जिले में तैयारी, राजनीतिक स्थिति, रणनीति आदि की रिपोर्ट तैयार करेंगे और यह रिपोर्ट बिहार बीजेपी के अध्यक्ष संजय जायसवाल को सौंपेंगे. इसके बाद यह रिपोर्ट बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा को सौंपी जायेगी.
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जातीय समीकरण पर रहेगा विशेष ध्यान
बिहार की चुनावी बिसात पर सभी पार्टियों का जातीय समीकरण पर विशेष ध्यान होता है. बिहार में दलित और ओबीसी मतदाता भी बड़ी तादाद में हैं. इन मतदाताओं पर बीजेपी की भी नजर है. इसलिए बूथ कमेटी बनाने में जातीय समीकरण का विशेष ध्यान रखने के लिए कहा गया है. इस कमेटी में दलित, आदिवासी और पिछड़े वर्ग के प्रतिनिधि के साथ-साथ युवा और महिलाओं को भी शामिल किये जाने का निर्देश दिया गया है.
