बिहार में डबल खुशखबरी, 239 इंस्ट्रक्टर्स की बहाली, कई जिलों में खुलेंगे नए आयुष अस्पताल

Bihar News: बिहार में शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़े फैसले लिए गए हैं. मध्य विद्यालयों में 239 अनुदेशकों की बहाली प्रक्रिया शुरू हो गई है, जबकि कई जिलों में नए आयुष अस्पताल खोलने की मंजूरी भी मिल गई है.

Bihar News: बिहार में शिक्षा और स्वास्थ्य दोनों क्षेत्रों में बड़े फैसले लिए गए हैं. जहां एक ओर मध्य विद्यालयों में शारीरिक शिक्षा एवं स्वास्थ्य अनुदेशक के पद पर 239 अभ्यर्थियों की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू हो गई है, वहीं दूसरी ओर राज्य के कई जिलों में नए आयुष अस्पताल खोलने की मंजूरी भी मिल गई है. इन दोनों फैसलों से रोजगार और स्वास्थ्य सुविधाओं को बड़ा बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.

239 पदों पर बहाली, 28 मई को मिलेगा नियुक्ति पत्र

शिक्षा विभाग ने न्यायालय के आदेश के बाद पिछड़ा एवं अत्यंत पिछड़ा वर्ग के 239 सफल अभ्यर्थियों की नियुक्ति का शेड्यूल जारी कर दिया है. इसके तहत 28 मई को चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए जाएंगे. यह नियुक्ति शारीरिक शिक्षा एवं स्वास्थ्य अनुदेशक के पद पर की जाएगी.

जानिए पूरा शेड्यूल

  • 8 अप्रैल तक: रिक्त पदों की जानकारी NIC पोर्टल पर अपलोड
  • 11 अप्रैल: रिक्तियों का प्रकाशन
  • 11-26 अप्रैल: आवेदन प्रक्रिया
  • 29 अप्रैल: औपबंधिक मेधा सूची जारी
  • 29 अप्रैल-5 मई: आपत्तियां दर्ज
  • 9 मई: अंतिम मेधा सूची का प्रकाशन
  • 12 मई: प्रमाण पत्रों की जांच
  • 13 मई: चयन सूची जारी
  • 28 मई: नियुक्ति पत्र वितरण
  • आयुष अस्पतालों का बड़ा विस्तार

बिहार में पारंपरिक चिकित्सा पद्धति को बढ़ावा देने के लिए कई जिलों में नए आयुष अस्पताल खोले जाएंगे. इससे लोगों को आयुर्वेद, होम्योपैथी, योग और यूनानी चिकित्सा की सुविधाएं स्थानीय स्तर पर मिल सकेंगी.

इन जिलों में बनेंगे 50 बेड के अस्पताल

बेगूसराय, दरभंगा, मधुबनी, सिवान, गोपालगंज, पूर्वी चंपारण और गया में 50-50 बेड वाले आयुष अस्पताल बनाए जाएंगे. इन अस्पतालों में आधुनिक सुविधाओं के साथ पारंपरिक इलाज की व्यवस्था होगी, जिससे लोगों को बेहतर विकल्प मिल सकेगा.

छोटे जिलों में भी सुविधा

अररिया, बांका और मधुबनी में 10 बेड वाले एकीकृत आयुष अस्पताल भी खोले जाएंगे. ये अस्पताल प्राथमिक इलाज के लिए काफी उपयोगी साबित होंगे. सरकार का मानना है कि इन अस्पतालों के खुलने से ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में रहने वाले लोगों को इलाज के लिए बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा. साथ ही, इससे स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत होंगी और आयुष पद्धति पर लोगों का भरोसा भी बढ़ेगा.

रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे

इन योजनाओं से डॉक्टरों, नर्सों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों के लिए नए रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे.

बड़ा बदलाव लाने की तैयारी

शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में उठाए गए ये कदम बिहार में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में अहम माने जा रहे हैं. इससे एक ओर युवाओं को रोजगार मिलेगा, तो दूसरी ओर आम लोगों को सस्ता और सुलभ इलाज भी उपलब्ध हो सकेगा.

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Published by: Abhinandan Pandey

अभिनंदन पांडेय पिछले दो वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की और दैनिक जागरण, भोपाल में काम किया. वर्तमान में वह प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के हिस्सा हैं. राजनीति, खेल और किस्से-कहानियों में उनकी खास रुचि है. आसान भाषा में खबरों को लोगों तक पहुंचाना और ट्रेंडिंग मुद्दों को समझना उन्हें पसंद है. अभिनंदन ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से की. पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को सही तरीके से लोगों तक पहुंचाने की सोच ने उन्हें इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. दैनिक जागरण में रिपोर्टिंग के दौरान उन्होंने भोपाल में बॉलीवुड के कई बड़े कलाकारों और चर्चित हस्तियों के इंटरव्यू किए. यह अनुभव उनके करियर के लिए काफी अहम रहा. इसके बाद उन्होंने प्रभात खबर डिजिटल में इंटर्नशिप की, जहां उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की वास्तविक दुनिया को करीब से समझा. बहुत कम समय में उन्होंने रियल टाइम न्यूज लिखना शुरू कर दिया. इस दौरान उन्होंने सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता भी बेहद जरूरी होती है. फिलहाल वह प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ काम कर रहे हैं. बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान उन्होंने कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में कवर किया, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और वीडियो कंटेंट भी तैयार किए. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और भरोसेमंद खबर पहुंचे. पत्रकारिता में उनका लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और एक विश्वसनीय पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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