शिक्षा विभाग के ACS ने जारी किया 8 पन्नों का फरमान, हर हफ्ते BEO-DEO लगाएंगे दरबार

शिक्षा विभाग के एसीएस डॉ. एस सिद्धार्थ ने नया आदेश जारी किया है. जिसके अनुसार बीईओ और डीईओ सप्ताह में कम से कम एक बार स्कूल समय के बाद दरबार लगाएंगे और शिक्षकों की समस्याएं सुनेंगे और उनका समाधान करेंगे. जारी आदेश कुल आठ पन्नों का है जिसमें प्राचार्य, शिक्षा सेवक और शिक्षकों से जुड़े निर्देश भी हैं. जानिए क्या है डॉ एस सिद्धार्थ के नए फरमान में...

Bihar Education Department: शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव (एसीएस) डॉ. एस सिद्धार्थ बिहार की शैक्षणिक व्यवस्था को दुरुस्त करने में जुटे हैं. आए दिन उनके नए-नए आदेश जारी हो रहे हैं. इस संबंध में बुधवार को एसीएस ने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों को 8 पन्नों का दिशा-निर्देश जारी किया है. जिसके अनुसार प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी और जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) सप्ताह में कम से कम एक दिन (शनिवार) विद्यालय अवधि के बाद शिक्षक-दरबार आयोजित कर उनकी समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करेंगे. उन्होंने डीईओ स्तर पर समस्या का समाधान नहीं होने पर ही शिक्षकों की समस्याओं को राज्य मुख्यालय भेजने को कहा है. उन्होंने बुधवार को सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों को इस आशय का दिशा-निर्देश जारी किया है.

शिक्षकों की उपस्थिति पर जीरो टॉलरेंस

एसीएस ने अपने पत्र में बताया है कि जिला और प्रखंड स्तर से शिक्षकों की समस्याओं का समाधान न होने की वजह से प्रतिदिन करीब पचास शिकायतें एसीएस कार्यालय में आ रही हैं. एसीएस ने दो टूक निर्देश दिए कि शिक्षकों की उपस्थिति पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनायी जायेगी. शिक्षक डिजिटल लैब या मोबाइल से अपनी उपस्थिति बनायेंगे. पढ़ाने में कमजोर शिक्षकों को चिह्नित कर उनकी विशेष ट्रेनिंग दिलाने को भी कहा है.

सरकारी, प्राइवेट स्कूलों और कोचिंग संस्थानों में बच्चों की करायी जायेगी आधार सीडिंग

एसीएस ने निर्देश दिए हैं कि राज्य के सरकारी ,प्राइवेट स्कूलों और कोचिंग/ ट्यूशन संस्थाओं में छह से 16 साल के पढ़ रहे बच्चों की आधार सीडिंग करायी जाये. सभी संस्थाएं आधार सीडिंग के जरीय बच्चों का डाटा बेस तैयार रखेंगी. शिक्षा विभाग के मांगे जाने पर निजी संस्थाओं को यह डाटा विभाग को देना होगा, ताकि यह पता चल सके कि कितने बच्चे कहां पढ़ रहे हैं. यदि एक ही बच्चा प्राइवेट और सरकारी स्कूलों में पढ़ रहा है तो सरकारी स्कूल से उसके नाम काट दिये जायें.

सितंबर-अक्टूबर में होगा मिड टर्म

एसीएस के आदेश में कहा गया है कि इस वर्ष सितंबर-अक्टूबर में मिड टर्म मूल्यांकन कराया जायेगा. उसके अच्छी पढ़ाई कराने को कहा है. एसीएस सिद्धार्थ ने डीइओ से कहा है कि जिला स्तर के किसी भी शिक्षक या शिक्षकेत्तर कर्मी की सेवा निवृत्ति का देय लाभ लंबित नहीं रहना चाहिए. वेतन भी सभी को समय पर मिले. यह दोनों जिम्मेदारियां डीइओ को सुनिश्चित करनी होंगी.

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मध्याह्न भोजन योजना की सबसे अधिक शिकायतें

एस. सिद्धार्थ ने साफ किया कि ट्रांसफर और पोस्टिंग के सभी आवेदन एक साथ राज्य मुख्यालय को भेजें, ताकि शिक्षक को इसके लिए पटना न आना पड़े. बताया कि सबसे ज्यादा शिकायतें मध्याह्न भोजन योजना की प्राप्त हो रही हैं. कहा है कि मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता में कमी पायी जाती है तो जीविका दीदियां राज्य मुख्यालय को सूचित करेंगी.

आपदा के समय स्कूल बंद करने की जिम्मेदारी डीएम की

सिद्धार्थ ने स्पष्ट कर दिया है कि बाढ़ आदि प्राकृतिक आपदा के समय स्कूल बंद करने की जिम्मेदारी केवल जिलाधिकारी के पास है. अन्य किसी कारण से विद्यालय बंदी केवल डीइओ कर सकेंगे. बाढ़ को देखते हुए स्कूलों के फर्नीचर आदि को सुरक्षित रखने के प्रबंध किये जाये. यह प्रधानाध्यापक का दायित्व है कि प्रशासन के सहयोग से बाढ़ के दौरान विद्यालयों के सभी उपस्करों को सुरक्षित रखा जाये.

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बच्चे स्कूल से मिले बाहर तो शिक्षा सेवक पर कार्रवाई

शिक्षा सेवक के बारे में निर्देश दिए कि अगर उनके क्षेत्र में आउट ऑफ स्कूल बच्चे मिले तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए पद मुक्त भी किया जा सकता है. उनके स्थान पर उसी समुदाय के व्यक्ति को नियुक्त किया जायेगा. निर्देश दिए कि अगर सरकारी स्कूल में बच्चों के बैठने के लिए समुचित जगह नहीं है तो उनकी कक्षाएं 500 मीटर के दायरे में मौजूद किसी अन्य सरकारी भवन में लगायी जायें. नये स्कूल भवनों का निर्माण जिला पदाधिकारी शिक्षा विभाग को सौंपेंगे. इसके अलावा उन्होंने बेंच डेस्क व्यवस्था, पीने के पानी, शौचालय, विद्युत व्यवस्था को लेकर भी जरूरी दिशा निर्देश दिए.

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लेखक के बारे में

By Anand Shekhar

Dedicated digital media journalist with more than 2 years of experience in Bihar. Started journey of journalism from Prabhat Khabar and currently working as Content Writer.

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