Bihar STF: मारा गया बेगूसराय का कुख्यात डब्लू यादव, कई दिनों से यूपी, दिल्ली और हरियाणा में कैंप कर रही थी बिहार पुलिस

Bihar STF: बिहार और उत्तर प्रदेश पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में पचास हजार के इनामी कुख्यात अपराधी डब्लू यादव को मुठभेड़ में मार गिराया गया. डब्लू यादव पर हत्या, रंगदारी और लूट जैसे कई संगीन मामले दर्ज थे. पुलिस ने मौके से हथियार और नकदी भी बरामद किया.

Bihar STF: बिहार एसटीएफ, उत्तर प्रदेश एसटीएफ, बेगूसराय जिला पुलिस बल और यूपी पुलिस के संयुक्त अभियान में पचास हजार रूपये का इनामी कुख्यात वांछित अपराधी डब्लू यादव उत्तर प्रदेश के हापुड जिले के सिंभावली थानाक्षेत्र में हुए पुलिस मुठभेड़ में मारा गया. बेगूसराय एवं उसके आसपास के इलाकों में उसने हत्या एवं रंगदारी की मांग को लेकर अपना आतंक फैला रखा था.

अचानक पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी

मुठभेड़ के संबंध में राज्य पुलिस मुख्यालय से मिली जानकारी के अनुसार वाहन चेकिंग के दौरान जब पुलिस टीम ने जब उसे रोकने की कोशिश की तो डब्लू यादव और उसके साथ रहे अन्य अपराधियों ने अचानक पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी. पुलिस की जवाबी कार्रवाई में वह ढेर हो गया.

डब्लू यादव उर्फ सुरज यादव बेगूसराय के ज्ञानटोला थाना स्थित साहेबपुर कमाल का रहने वाला था. इस अपराधी पर साहेबपुर कमाल, मुफस्सिल (मुंगेर) और बलिया समेत विभिन्न थानों में दो दर्जन से भी अधिक गम्भीर आपराधिक मामले उसके खिलाफ दर्ज हैं. जिसमें हत्या, अपहरण, रंगदारी, लूट, डकैती एवं आर्म्स एक्ट जैसे कई गंभीर अपराध शामिल हैं.

3 राज्यों में चल रही थी छापेमारी

राज्य पुलिस मुख्यालय से मिली जानकारी के अनुसार डब्लू यादव की गिरफ्तारी के लिए बिहार एसटीएफ की विशेष टीम द्वारा यूपी, दिल्ली एवं हरियाणा जैसे राज्यों में कई स्थानों पर लगातार छापामारी की जा रही थी. इसी बीच, बिहार एसटीएफ को मिली एक गुप्त सूचना के आधार पर कुख्यात डब्लू यादव की गिरफ्तारी को लेकर पिछले कई दिनों बिहार पुलिस की टीम यूपी में कैम्प कर रही थी.

पुलिस को यह भी सूचना मिली थी कि उक्त अपराधी सिंभावली थाना क्षेत्र में अपने साथियों के साथ किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की फिराक में है. इस सूचना के आधार पर उक्त अपराधी की गिरफ्तारी हेतु उत्तर प्रदेश के सिंभावली थाना क्षेत्र में बिहार एसटीएफ, बेगूसराय पुलिस, सिंभावली थाना की पुलिस तथा यूपी एसटीएफ के द्वारा संयुक्त चेकिंग अभियान चलाया गया.

चेकिंग अभियान के दौरान पुलिस को देखकर डब्लू यादव एवं उसके एक अन्य साथी ने पुलिस पर अचानक फायरिंग शुरू कर दी. जिसके बाद आत्मरक्षार्थ पुलिस की जवाबी कार्रवाई में डब्लू यादव को गोली लगी, जिससे वह घायल हो गया. उसे तत्काल इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया. जहां इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गयी. जबकि उसके साथ रहा एक अन्य अपराधी मौके से भागने में सफल हो गया.

इसे भी पढ़ें: सम्राट चौधरी या विजय सिन्हा नहीं, बीजेपी इस नेता को बनाएगी सीएम, तेजस्वी यादव का बड़ा दावा

क्या -क्या बरामद हुआ

पुलिस मुठभेड़ में यूपी एसटीएफ का एक जवान एवं बेगूसराय पुलिस का एक जवान घायल हो गया. जिनका इलाज स्थानीय अस्पताल में कराया जा रहा है. उक्त घटना के संबंध में यूपी पुलिस द्वारा विधिवत् कार्रवाई की जा रही है. मुठभेड़ स्थल से पुलिस ने एक 9 एमएम कारबाईन, एक 7.65 एमएम की पिस्टल, एक देशी कटटा, 9 एमएम के 13 जिंदा कारतूस, नौ 7.65 एमएम का जिंदा कारतूस, नौ .32 बोर का जिंदा कारतुस, .315 एम.एम. का एक जिंदा कारतूस, दो कार्बाइन मैगजीन, दो 7.65 एमएम का मैगजीन, 9 एम.एम. कार्बाइन का चार खोखा, 7.65 एम.एम. का छह खोखा, .315 एमएम का एक खोखा, एक चोरी की बाईक और 2100 रुपये की नकदी बरामद की गई है.

अपराधी एवं उसके गैंग के सदस्यों द्वारा विगत मई माह में बेगुसराय जिला के साहेबपुर कमाल थानान्तर्गत संदलपुर निवासी हम पार्टी के प्रखंड अध्यक्ष विकास कुमार का अपहरण कर उसकी हत्या कर दी गई थी. इस मामले में साहेबपुर कमाल थाना में कांड सं0 149/25, दर्ज है. इसी तरह ज्ञानटोला, थाना साहेबपुर कमाल, जिला बेगूसराय के महेन्द्र यादव की भी गोली मारकर हत्या कर दी गयी थी. जबकि साहेबपुर कमाल थानान्तर्गत चिमनी भट्ठा के मालिक रूपेश कुमार से हथियार के बल पर दो लाख रूपये रंगदारी की मांग की गयी थी और नहीं देने पर जान से मारने की धमकी दी गयी थी.

बिहार चुनाव की ताजा खबरों के लिए क्लिक करें

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >