बैंकों को तीन जिलों में सीडी रेशियो सुधारने के लिए चेतावनी

मुंगेर, भोजपुर व नालंदा का सीडी रेशियो अभी 45 % से भी कम

मुंगेर, भोजपुर व नालंदा का सीडी रेशियो अभी 45 % से भी कम संवाददाता, पटना बैंक निरंतर प्रयास कर रहे और सरकार सचेत है, फिर भी बिहार में साख-जमा अनुपात (सीडी रेशियो) राष्ट्रीय औसत से लगभग 28% कम है. यह पहलू उन तीन जिलों (मुंगेर, भोजपुर, नालंदा) के संदर्भ में तो और चिंताजनक हो जाती है, जिनका सीडी रेशियो 45 प्रतिशत से भी कम है. पिछले कई वर्षों से ऐसी स्थिति बनी हुई है, जबकि राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (एसएलबीसी) की हर बैठक में कमतर प्रदर्शन वाले जिलों में लक्ष्य के अनुरूप ऋण वितरण की प्रतिबद्धता जतायी जाती रही है. शुक्रवार को संपन्न हुई बैठक में भी एक बार फिर सरकार ने बैंकों को चेताया था. इस इशारे के साथ कि अगर नालंदा और मुंगेर के प्रति बैंकों का ऐसा रुख-रवैया है, तो दूसरे जिलों की स्थिति सहजता से समझी जा सकती है.नालंदा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का गृह जिला है और मुंगेर उप मुख्यमंत्री सह वित्त मंत्री सम्राट चौधरी का है.पहली बार एसएलबीसी की बैठक की अध्यक्षता कर रहे सम्राट ने मुंगेर की भौगोलिक-जनसांख्यिकी संरचना के साथ आर्थिक गतिविधियों का उल्लेख करते हुए बैंकों को स्पष्ट कर दिया कि कहीं-न-कहीं अनदेखी हो रही. पांच श्रेष्ठ जिले बिहार में पूर्णिया जिला का सीडी रेशियो 93.25 प्रतिशत सबसे बेहतर है़ उसके बाद 88.37 प्रतिशत के साथ अररिया का स्थान आता है़ इन दोनों जिलों के साथ कटिहार भी सीमांचल के अंतर्गत आता है. इस पैमाने पर वह पांचवें स्थान पर है़ उसका सीडी रेशियो 78.63 प्रतिशत है. इस सूची में 79.91 प्रतिशत के साथ पूर्वी चंपारण तीसरे और 78.97 प्रतिशत के साथ वैशाली चौथे स्थान पर है. कृषि सेक्टर में कर्ज देने में उदासीनता कृषि और सहवर्ती क्षेत्र के वित्त-पोषण में बैंक शुरू से उदासीन रहे हैं. इस बार सीडी रेशियो में जो वृद्धि हुई है, वह कुछेक इथनाॅल उत्पादन कंपनियों को दिये गये ऋण के कारण हैं. किसानों, पशुपालकों व मत्स्यपालकों के बीच ऋण वितरण में कोई उल्लेखनीय वृद्धि नहीं हुई है. लघु, सूक्ष्म व मध्यम उद्योग पर सरकार का विशेष फोकस है, इस कारण सीमांचल आदि परिक्षेत्र में सीडी रेशियो अपेक्षाकृत संतुलित प्रतीत हो रहा. वहां रोजी-रोजगार के उद्देश्य से छोटे-छोटे काम-धंधों के लिए ऋण लेने की प्रवृत्ति बढ़ी है. तीन फिसड्डी जिले जिलामार्च 2022मार्च 2023मार्च 2024 मुंगेर 28.89% 31.47% 34.44% भोजपुर 39.13% 42.76% 43.76% नालंदा 37.66% 40.85% 44.72% जमा और साख (करोड़ रुपये में) जिलाजमा मार्चजमा मार्च ऋण मार्चऋण मार्च 2023202420232024 मुंगेर7924857724942954 भोजपुर121861264652115534 नालंदा1180712968 48235799

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