किलकारी के समर कैंप में बॉल बैडमिंटन शिविर शुरू

किलकारी समर कैंप के अंतर्गत बॉल बैडमिंटन नि:शुल्क शिविर के दूसरे चरण का शुभारंभ किया गया. इस चरण में किलकारी के सीनियर बच्चों को बॉल बैडमिंटन का प्रशिक्षण दिया जायेगा. इसके लिए आंध्र प्रदेश से विशेषज्ञ प्रशिक्षक मोहन राव कोडि को आमंत्रित किया गया है

संवाददाता,पटना किलकारी समर कैंप के अंतर्गत बॉल बैडमिंटन नि:शुल्क शिविर के दूसरे चरण का शुभारंभ किया गया. इस चरण में किलकारी के सीनियर बच्चों को बॉल बैडमिंटन का प्रशिक्षण दिया जायेगा. इसके लिए आंध्र प्रदेश से विशेषज्ञ प्रशिक्षक मोहन राव कोडि को आमंत्रित किया गया है, जिन्हें इस खेल में वर्षों का अनुभव है. शिविर का उद्घाटन प्रो नवल किशोर यादव ने किया, जिसमें बिहार सरकार के खेल विभाग के निदेशक महेंद्र कुमार (आइएएस) मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे. समारोह में किलकारी की निदेशक ज्योति परिहार, प्रसिद्ध नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ सुनील कुमार सिंह, बिहार बॉल बैडमिंटन संघ की उपाध्यक्ष प्रो सुहेली मेहता, निदेशक पवन केजरीवाल और सचिव गौरी शंकर सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति भी मौजूद थे. सभी ने शिविर के आयोजन की सराहना की और बच्चों को उत्साहपूर्वक सीखने और खेल भावना के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया. किलकारी का यह प्रयास बच्चों में अनुशासन, सहयोग और आत्मविश्वास जैसे मूल्यों को खेल के माध्यम से विकसित करने की एक सार्थक पहल है. समर कैंप में बच्चे पढ़ रहे मस्ती की पाठशाला किलकारी बिहार बाल भवन, पटना में आयोजित चक धूम धूम समर कैंप बच्चों के रचनात्मक विकास और प्रतिभा प्रदर्शन का एक शानदार मंच बन गया है. इस शिविर में विविध कलात्मक विधाओं पर केंद्रित कार्यशालाएं बच्चों की रचनात्मकता को पंख दे रहे हैं. कठपुतली कार्यशाला में बच्चों ने कठपुतली निर्माण, मास्किंग और संचालन जैसी तकनीकें सीखीं, साथ ही टीम वर्क के माध्यम से कहानी कहने का अभ्यास किया. कोलकाता की धूमकेतु संस्था के दिलीप मंडल और निखिलेश सरकार ने इस 11 दिवसीय कार्यशाला का निर्देशन किया. कंप्यूटर ग्राफिक्स कार्यशाला का संचालन निलेश राज ने किया, जहां 52 बच्चों ने सोशल मीडिया पोस्टर, किलकारी का लोगो और काल्पनिक कंपनियों के लिए पोस्टर डिज़ाइन कर डिजिटल कला में अपनी रचनात्मकता दिखायी. लघुकथा लेखन कार्यशाला में लेखक तारिक असलम ””””तस्नीम”””” ने बच्चों को लघुकथा के तत्वों से परिचित कराया. स्टोरी टेलिंग और वॉयस मॉड्यूलेशन सत्र में डॉ कुमार विमलेन्दु सिंह ने बच्चों को शुद्ध उच्चारण, भाव-प्रवण भाषा और मंचीय प्रस्तुति के गुर सिखाए, जिससे बच्चों ने कहानियों को जीवंत बनाना सीखा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: MANISH LIFE

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More
Tags

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >