जन सुराज का हिसाब-किताब संदिग्ध : संजय जायसवाल

बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सांसद डॉ संजय जायसवाल और जन सुराज आंदोलन के संस्थापक प्रशांत किशोर के बीच आरोप- प्रत्यारोप से सियासत गरमा गयी है.

संवाददाता, पटना बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सांसद डॉ संजय जायसवाल और जन सुराज आंदोलन के संस्थापक प्रशांत किशोर के बीच आरोप- प्रत्यारोप से सियासत गरमा गयी है. प्रशांत किशोर द्वारा भ्रष्टाचार का आरोप लगाये जाने के उत्तर में बीजेपी सांसद ने पलटवार किया है. सोशल मीडिया एक्स पर लंबी पोस्ट लिखते हुए गंभीरआरोप लगाये हैं. प्रमाण के तौर पर एक दर्जन से अधिक दस्तावेज पोस्ट के साथ संलग्न किए हैं. इस ऑडिट रिपोर्ट के हवाले से जन सुराज और उसके नेता प्रशांत किशोर को ठग और उनकी गतिविधियों को संदिग्ध ठहराया है.संजय जायसवाल ने लिखा कि प्रेस कॉन्फ्रेंस में खुद प्रशांत किशोर ने यह स्वीकार किया कि उन्हें आंध्र प्रदेश के सांसद से पिछली सेवाओं के एवज में 14 करोड़ रुपये मिले. ऐसे में सवाल यह है कि जब इतनी बड़ी राशि प्राप्त हुई, तो जन सुराज पार्टी की तरफ से घोषित चंदा महज दो करोड़ 42 लाख क्यों दिखाया गया और खर्च सिर्फ 35 हजार रुपये ही क्यों दर्ज हैं? क्या बाकी पैसा निजी खाते में रखा गया? जायसवाल ने तंज कसते हुए कहा कि बिहारी ईमानदारी के लिए जाने जाते हैं, लेकिन एक बिहारी नेता किस आत्मविश्वास के साथ बड़े घोटालों के बाद भी बेफिक्र घूम रहा है, यह सोचने वाली बात है. उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशांत किशोर के संरक्षक कहे जाने वाले पहले से ही वित्तीय गड़बड़ियों में घिरे हुए हैं.

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Published by: Rakesh ranjan

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