मानवता की मिसाल: IGIMS में पिता का देहदान, फौजी बेटे ने पूरी की अंतिम इच्छा; मेडिकल छात्र करेंगे पढ़ाई

Patna News : इस महादान से दो नेत्रहीन लोगों के जीवन में अंधकार दूर होगा और उन्हें नई रोशनी मिलेगी, वहीं दूसरी तरफ मेडिकल की पढ़ाई कर रहे छात्रों को मानव शरीर की रचना समझने और शोध करने में मदद मिलेगी.

Patna News : (पटना से आनंद तिवारी की रिपोर्ट)

बेगूसराय के पहसरा/बीहट निवासी और अवकाश प्राप्त हेडमास्टर फूलेना प्रसाद सिंह अब इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन उनका शरीर और उनकी आंखें इस समाज को हमेशा रोशन रखेंगी. राष्ट्रभक्ति और सेवा को समर्पित उनके परिवार ने अपने जीवन का एक बड़ा हिस्सा देश सेवा में लगाया है. इसी कड़ी में, उनके फौजी बेटे पंकज कुमार ने अपने पिता के संकल्प को पूरा करते हुए उनके पार्थिव शरीर को चिकित्सा अनुसंधान और समाज सेवा के लिए दान कर दिया है.

एयरफोर्स में तैनात बेटे ने पूरा किया पिता का संकल्प

वायुसेना में कार्यरत पंकज कुमार ने बताया कि उनके पिता स्व. फुलेना प्रसाद सिंह ने अपने जीवन काल में ही ‘दधीचि देहदान समिति बिहार’ के माध्यम से मरणोपरांत देहदान करने का अटूट संकल्प लिया था. पिता के निधन के बाद, परिवार ने रूढ़ियों को पीछे छोड़ते हुए उनकी इस अंतिम इच्छा का सम्मान किया. मृतक के पार्थिव शरीर को सम्मानपूर्वक बेगूसराय से एम्बुलेंस द्वारा राजधानी पटना के इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (IGIMS) लाया गया और वहां के एनाटॉमी विभाग को सौंप दिया गया.

दो लोगों को मिलेगी रोशनी, मेडिकल छात्र सीखेंगे बारीकियां

इस महादान से दो नेत्रहीन लोगों के जीवन में अंधकार दूर होगा और उन्हें नई रोशनी मिलेगी, वहीं दूसरी तरफ मेडिकल की पढ़ाई कर रहे छात्रों को मानव शरीर की रचना समझने और शोध करने में मदद मिलेगी.

बिहार में देहदान की कमी पर डॉक्टरों की चिंता

IGIMS के डॉक्टरों ने बताया कि मानक के अनुसार मेडिकल की पढ़ाई के लिए प्रत्येक 20 विद्यार्थियों पर एक मृत देह (Cadaver) की आवश्यकता होती है. लेकिन बिहार में देहदान के प्रति जागरूकता की कमी के कारण वर्तमान में यह औसत 300 विद्यार्थियों पर केवल एक देह का है. ऐसे में फूलेना प्रसाद सिंह का यह देहदान भावी डॉक्टरों की पढ़ाई के लिए बेहद मददगार साबित होगा.

पूर्व राज्यपाल गंगा प्रसाद ने दी श्रद्धांजलि

मृतक के पार्थिव शरीर को रिसीव करने के लिए IGIMS अस्पताल परिसर में एक सादे और भावुक कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस मौके पर दधीचि देहदान समिति के अध्यक्ष व बिहार के पूर्व राज्यपाल गंगा प्रसाद ने बैकुंठवासी आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित की.उन्होंने कहा,“हमारे समाज में देहदान करने वाले लोग बहुत कम हैं. हमें इस दिशा में आगे बढ़कर समाज को जागरूक करना होगा.

बेगूसराय से अब तक का यह दूसरा देहदान

दधीचि देहदान समिति के प्रयासों से बिहार में अब तक कुल 25 देहदान संपन्न हो चुके हैं. बेगूसराय जिले के इतिहास में यह दूसरा मौका है जब किसी परिवार ने इस तरह का बड़ा फैसला लेकर समाज के सामने एक नई मिसाल पेश की है.

इस गरिमामयी और मार्मिक घड़ी में एनाटॉमी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. अवनीश कुमार, डॉ. बिनोद कुमार, डॉ. जावेद, समिति के वरीय उपाध्यक्ष डॉ. सुभाष प्रसाद, कोषाध्यक्ष प्रदीप चौरसिया, अरुण सत्यमूर्ति, विनीता मिश्रा, शैलेश महाजन, गोविंद कनोडीया सहित मेडिकल छात्र-छात्राएं, अस्पताल स्टाफ और मृतक के परिजन (पुत्र पंकज कुमार, बहू डॉ. संगीता रंजन, दामाद मनोज कुमार) भारी संख्या में मौजूद रहे.

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Published by: Rajeev Kumar

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